सोनीपत। गांव नाहरा के खेतों में पावर ग्रिड की लाइन बिछाने को लेकर जारी विरोध में किसानों ने तेवर कड़े कर लिए हैं। मामले ने अब तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग पर अड़े किसानों ने सोमवार को नाहरा के धरनास्थल पर महापंचायत की। जिसमें किसानों के कई संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा विपक्षी पार्टियों के नेता भी पहुंचे। विधायक मोहनलाल बड़ौली भी किसानों के बीच पहुंचे और उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। धरनारत किसानों ने लाइन बिछाने के लिए खेतों में कंपनी की तरफ से खोदे गए गड्ढों को मिट्टी डालकर बंद करा दिया। सोमवार की पंचायत में इनेलो नेता अर्जुन चौटाला व आंतिल खाप की तरफ से प्रधान जयभगवान आंतिल ने भी जाकर समर्थन दिया।
गुजरात के कच्छ से शुरू हुई हाई ट्रांसमिशन लाइन के हिस्से में औचंदी से माहरा तक एक लाइन बिछाई जा रही है। जिसका गांव नाहरा के किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों को हिरासत में लेकर कंपनी ने टावर लगाने का काम भी शुरू करा दिया था, लेकिन पिछले चार दिन से किसान धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को फिर से किसानों ने महापंचायत की। जिसमें किसान नेता रवि आजाद व अभिमन्यु कोहाड़, भाजपा विधायक मोहनलाल बड़ौली, इनेलो नेता अर्जुन चौटाला, आंतिल बारहा खाप प्रधान जय भगवान आंतिल, किसान सभा के महासचिव एडवोकेट श्रद्धानंद सौलंकी, ईश्वर राठी, शीलकराम मलिक भी पहुंचे। विधायक मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि जैसे ही उन्हें किसानों के धरने की सूचना मिली। वह पंचायत में आ गए।
उन्होंने पंचायत से आग्रह किया कि एक कमेटी का गठन करें। उसके बाद सीएम से मिलने का समय लिया जाएगा। महापंचायत ने विधायक के जाने के बाद फैसला लिया कि बुलडोजर से टावर के लिए खोदे गए गड्ढों को भर दिया जाए। जिसके बाद उन्हें भर दिया गया। पंचायत में नाहरा के सरपंच एवं आंतिल चौबीसा के प्रधान अधिवक्ता उमेश दहिया को सरपंच एकता समिति राई के प्रधान बिल्लू दहिया, जिला महासचिव सुनील कटारिया ने सभी 42 सरपंचों का समर्थन पत्र सौंपा। आंतिल बारहा खाप की तरफ से प्रधान जयभगवान आंतिल ने भी पंचायत को समर्थन दिया।
किसान नेताओं ने मंच से कहा कि महापंचायत में निर्णय लिया गया है कि किसानों की मांगें माने जाने तक भाजपा के नेताओं का विरोध किया जाएगा। उन्हें गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही सहमति बनने तक कंपनी के काम को भी बंद रखवाया जाएगा। सरपंच उमेश दहिया ने कहा कि जब तक किसानों को जमीन का मार्केट रेट पर मुआवजा नहीं दिया जाएगा, किसान यहां टावर लगाने का काम शुरू नहीं होने देंगे। किसान दिन-रात बैठकर धरना चला रहे हैं। उनका कहना था कि तानाशाही करते हुए किसानों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इंसेट
किसान नेताओं व विपक्ष ने भी भरी हुंकार
धरनास्थल पर किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़, रोहतक से रवि आजाद समेत अनेक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि किसानों के ज्यादती की जा रही है। 13 किसानों को अपराधियों की तरह हिरासत में रखा गया। यह सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। वहीं, रवि आजाद ने कहा कि सरकार ने किसानों को दबाने का काम किया है। किसानों की मर्जी के बिना उनके खेतों में खोदाई शुरू की गई। जोर जबरदस्ती नहीं चलने देंगे। इसके अलावा धरने को समर्थन देने पहुंचे इनेलो ने अर्जुन चौटाला ने कहा कि इनेलो किसानों की हर लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वह किसानों की मांगों को पूरा करें, इसके बाद ही काम शुरू होने दिया जाएगा।
डीआरओ कार्यालय में कंपनी प्रतिनिधियों से हुई बातचीत
नोडल अधिकारी एवं डीआरओ हरिओम अत्री के कार्यालय में सोमवार को किसान प्रतिनिधि शमशेर सिंह, सतेंद्र लोहचब आदि ने कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की और मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजा मांगा, लेकिन उनके बीच बात नहीं बन पाई और बिफरे किसानों ने प्रशासन पर कंपनी के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए। वहीं, डीआरओ हरिओम अत्री ने बताया कि कंपनी प्रतिनिधियों से मुआवजा खातों में डालने के लिए किसानों से खाता नंबर उपलब्ध करवाने को कहा है। कंपनी का कहना है कि खातों में पैसे डालने के बाद ही काम शुरू किया जाएगा। खींचतान को देखते हुए प्रशासन ने नाहरा में काम रोकने के आदेश भी दिए हैं।