सोनीपत। नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामला बड़े स्तर पर सामने आ चुके हैं। निगम आयुक्त हर्षित कुमार साफ संकेत दे चुके हैं कि कार्रवाई महज शुरुआत है और आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी इसकी जद में आएंगे।
नगर निगम प्रशासन ने पिछले दिनों एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था जबकि 10 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली गई थी। जांच की जा रही है कि प्रॉपर्टी आईडी में नाम दुरुस्त कराने के लिए नियमानुसार सभी दस्तावेज, रजिस्ट्री की प्रति सहित, पहले ही जमा कर रखे थे।
इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने जानबूझकर फाइल पर अनावश्यक आपत्ति लगा दी और उसे लंबे समय तक लटकाए रखा। फाइल रोके जाने पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया था।
तीन अधिकारी निलंबित, रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार
प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ियों को लेकर इससे पहले भी कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। दो दिन पहले शहरी निकाय विभाग ने नगर निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इनमें जोनल टैक्स ऑफिसर (जेडटीओ) राजेंद्र चुघ, तत्कालीन एसडीओ नवरत्न, एसडीओ अभिषेक शामिल हैं। इन अधिकारियों पर प्रॉपर्टी आईडी के निर्माण और संशोधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन्हें सस्पेंड किया गया। प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर रिश्वत मांगने के एक मामले में दर्ज एफआईआर के तहत कर्मचारी हरिओम को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।
दो बार बदली थी टीम, फिर भी नहीं थमीं शिकायतें
नगर निगम प्रशासन कुछ महीनों में दो बार प्रॉपर्टी आईडी विभाग की टीम बदल चुका है, लेकिन इसके बावजूद शिकायतों में कोई खास कमी नहीं आई। मामले में फील्ड स्टाफ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।