गांव अटेरना निवासी प्रगतिशील किसान पद्मश्री कंवल सिंह चौहान को नए कृषि कानूनों का समर्थन करने पर लगातार धमकी मिल रही है। उनको विदेश से कॉल कर लगातार उन पर किसान आंदोलन का समर्थन करने का दबाव बनाया जा रहा है। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से कॉल करके उनको अपना जमीर बेचने जैसे अपशब्द कहे जा रहे हैं। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसान 19 दिन से धरने पर हैं। किसानों की ओर से नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की जा रही है। वहीं कई किसान ऐसे हैं जो कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए प्रदेश के प्रगतिशील किसान पद्मश्री कंवल सिंह चौहान के नेतृत्व में किसानों का 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से भी मिला था। उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताते हुए उसका समर्थन किया था। उन्होंने कानूनों में कुछ सुधार पर जोर दिया था। प्रदेश के यह प्रगतिशील किसान धरना-प्रदर्शन के समर्थन में नहीं हैं। ऐसे में अब इनका आरोप है कि इनके पास विदेशों से कॉल आ रहे है। उन पर किसानों के आंदोलन में शामिल होने का दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने बताया कि उनके पास अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के नंबरों से करीब सात कॉल हैं। जिनमें से उन्होंने चार कॉल रिसीव की है। अब परेशान होकर उन्होंने विदेशी नंबरों की कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है। उनके पास कॉल कर उनके बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फोन करने वाले कृषि सुधार कानूनों के साथ ही भाजपा की मोदी सरकार की नीतियों और गुजरात मॉडल का विरोध कर रहे हैं। वह कंवल सिंह चौहान को यहां तक कह रहे हैं कि आपने अपना जमीर कितने में बेच दिया। वह उन पर तीन नए कानूनों का विरोध करने का दबाव बना रहे हैं।
पद्मश्री का कहना है कि विदेशों से कॉल रात को आती है। जिससे उन्हें परेशानी होने लगी है। साथ ही उन्होंने शक जताया है कि इस आंदोलन के लिए विदेशों से आर्थिक मदद की जा रही है। उन्होंने कॉल करने वालों की जांच करने की मांग की है। पुलिस ने उनके मोबाइल नंबरों की निगरानी शुरू कर दी है।
मुझे एक सप्ताह से लगातार विदेशी नंबरों से कॉल आ रही है। फोन करने वाले मुझको किसान आंदोलन में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। कॉल करने वाले चाहते हैं कि मैं मोदी सरकार और उसकी नीतियों के विरोध में किसानों को एकजुट कर विरोध के लिए तैयार करूं। मैंने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी है।
-कंवल सिंह चौहान, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, प्रगतिशील किसान, अटेरना।
वर्जन
पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने विदेशों से कॉल आने की सूचना दी है। साथ ही उन पर दबाव बनाए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आंदोलन को विदेश से आर्थिक मदद मिल रही है। इसकी जांच कराई जाए। पुलिस मामले की जांच कराकर उनके अनुसार कार्रवाई करेगी।
रवि कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली।