चंडीगढ़ और नोएडा के ध्यानार्थ
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर दिए जा रहे धरना स्थल पर मंगलवार को एक और किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची कुंडली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके साथियों को सौंप दिया। आंदोलन में अब तक 10 किसानों की मौत हो चुकी है। टीकरी बॉर्डर पर अब तक छह आंदोलनकारियोें की मौत हो चुकी है। एक आंदोलनकारी की गाड़ी में जलने से और अन्य की हृदयाघात या अन्य कारणों से मौत हुई है। वहीं कुंडली बार्डर पर इसके पहले तीन किसानों की मौत हो चुकी है।
पंजाब के जिला मोहाली के गांव कंडाला का किसान गुरमीत सिंह (74) 11 दिन पहले कुंडली धरनास्थल पर आए थे। वह अपने साथियों व गांव के किसानों के साथ गांव रसोई के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली में रुके हुए थे। गुरमीत के गांव के जगबीर जोहल ने बताया कि मंगलवार सुबह गुरमीत सिंह ठीक थे। वह सुबह उठकर घूमने के बाद वापस ट्रॉली में आए था। दोपहर करीब पौने एक बजे जब वह अपनी ट्रॉली के पास थे तो उन्होेंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिस पर उन्हें ट्रॉली के अंदर लिटाया जाने लगे तो गिर गए और उनकी मौत हो गई। मामले की जानकारी कुंडली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया है। शव को पंजाब लेकर जा रहे हैं।
हार्ट अटैक से धरने पर तीसरे किसान की गई जान
कुंडली धरनास्थल पर ठंड से हार्ट अटैक के कारण तीसरे किसान की जान गई है। इससे पहले भी गांव बरोदा के किसान अजय की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। एक दिन पहले ही पंजाब के जिला मोगा के गांव भिंडर कलां के मक्खन खान की भी जान चली गई थी। अब मंगलवार को किसान गुरमीत सिंह ने दम तोड़ दिया।
गांव रसोई के पास किसानों के धरने में शामिल होने पंजाब के मोहाली से आए किसान की अचानक मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा जांच को भेज दिया गया है। जिससे मौत के कारणों का सही पता लगा सके। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका है।
रवि कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली।