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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 300 किमी सड़क बनवाने का प्लान तैयार

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पीडब्ल्यूडी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 300 किलोमीटर सड़क बनवाने के लिए प्लान तैयार किया है और उसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने सड़क बनवाने के लिए जिले के एक दर्जन से ज्यादा ऐसे गांवों को चिह्नित किया, जिनमें सड़कों की हालत ज्यादा खराब है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2500 किलोमीटर सड़कें बनाई जानी हैं और उसके तहत ही जिले में 300 किमी सड़क बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जिसकी मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के चौड़ीकरण व खस्ताहाल सड़कों को दोबारा से बनवाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 300 किलोमीटर सड़क बनवाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। एक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2500 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। जिसके लिए प्रदेश के सभी जिलों से शासन ने प्रस्ताव मांगा था। ऐसे में जिले के उन गांवों को चिह्नित किया गया है, जिन गांवों में सड़कों की हालत ज्यादा खराब है और उन सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है, जिसके चलते उन्होंने कई गांवों को चिह्नित कर उनकी सड़कों को बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। हालांकि अब शासन से प्रस्ताव पास होने का इंतजार है। जैसे ही प्रस्ताव पास होकर आता है तो जल्द ही इन गांवों की सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इन सड़कों को ऑल वेदर के आधार पर बनाया जाएगा, ताकि यह किसी भी मौसम खराब न हों।
एक किलोमीटर में 80 लाख से 1.20 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जाने वाली सड़कों को ऑल वेदर बनाया जाएगा, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी ने तारकोल व सीमेंट की सड़क का अलग-अलग प्रस्ताव बनाकर भेजा है। तारकोल की सड़क बनाने के लिए किलोमीटर सड़क बनाने में 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक खर्च आता है, जबकि सीमेंट की सड़क बनाने में एक करोड़ से 1.20 करोड़ रुपये की लागत आती है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने दोनों तरह की सड़क बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। अब शासन से जिस तरह की सड़क बनाने का प्रस्ताव पास होता है, उसी तरह सड़क बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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इन गांवों को किया गया है चिह्नित
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फिलहाल चिड़ाना, शामड़ी, बजाना, बिलबिलान, आंवली, रिठाल, रिवाड़ा, रिंढ़ाणा, घड़वाल, भावड़, भंभेवा, सफीदों, गंगेसर, महमूदपुर, सैनीपुरा, कैलाना, खानपुर, बरोदा, आहुलाना, मदीना, छिछड़ाना, कथूरा व छपरा का दौरा किया है। इन गांवों के लिंक मार्गों को चौड़ीकरण के साथ दोबारा से बनाया जाएगा। यही नहीं इन मार्गों पर यदि पेयजल व सीवर की लाइन बिछाई जाने की आवश्यकता हुई तो उन्हें भी सड़क बनाने से पहले ही बिछवाया जाएगा, ताकि सड़क को दोबारा से न खोदा जाए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में सड़कें बनाई जानी है, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से 300 किलोमीटर सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अब शासन से जितनी सड़क बनाने का प्रस्ताव पास होकर आएगा, उसी के आधार पर सड़कें बनाई जाएगी।
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- भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
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