सोनीपत। पैरालंपियन के गांव खेवड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के भवन निर्माण के लिए जमीन मुहैया नहीं हो रही। जिसकी वजह से आधुनिक सुविधाओं का इंतजार बढ़ रहा है। पीएचसी के भवन निर्माण के लिए मुख्यालय की ओर से 7 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण को पट्टे पर 33 साल के लिए जमीन भी फाइनल कर ली गई थी, लेकिन इस जमीन पर राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता होने से अड़चन आ गई और इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। जिसके चलते उस जमीन पर पीएचसी निर्माण के लिए पेंच फंस गया। फिलहाल पीएचसी को गांव के सरकारी स्कूल में चलाया जा रहा है। जिसमें रोजाना 50 से ज्यादा मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। हालांकि अपना भवन नहीं होने से यहां सुविधा नहीं बढ़ पा रही है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल के गांव खेवड़ा में सरकारी स्कूल के भवन में पीएचसी को संचालित किया जा रहा है। पीएचसी के इस भवन अभी तक न डिलिवरी हट की सुविधा और न ही दंत ओपीडी को शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीएचसी में दंत सर्जन की नियुक्ति कर रखी है, लेकिन मरीजों के दांतों के उपचार के लिए डेंटल चेयर स्थापित करने के लिए जगह नहीं है। वह पीएचसी के अपने भवन में ही स्थापित की जानी है। ऐसे में खेवड़ा व आसपास गांवों के लोगों को उपचार कराने के लिए जिला नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
सीएम ने की थी पीएचसी खोलने की घोषणा
टोक्यो पैरालंपिक में सुमित आंतिल ने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। सितंबर 2021 में सुमित आंतिल के स्वागत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव में पीएचसी खोलने की घोषणा की थी। मुख्यालय में मंजूरी मिलने के बाद मार्च, 2022 में गांव के सरकारी स्कूल के भवन में पीएचसी को चालू कर दिया था। जहां पर उपचार के लिए 50 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
वर्जन
गांव खेवड़ा में चौहान जोशी मार्ग पर पट्टे पर 33 साल के लिए एक एकड़ पंचायती जमीन उपलब्ध कराई गई थी। उसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाने लगी तो उस पर राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता होने का पता लगा। जिस कारण जमीन कम पड़ गई है। जिसके चलते उस जमीन पर पीएचसी का भवन निर्माण नहीं हो सकता। पंचायत विभाग को पत्र लिखकर और जमीन देने की मांग की है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत
वर्जन
गांव खेवड़ा में जिस पंचायती जमीन पर पीएचसी का भवन बनाया जाना है, उस पर रास्ता होने के कारण फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाना असंभव है। स्वास्थ्य विभाग को दूसरी जमीन तलाशने के लिए कहा है। 7 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी पहले मिल चुकी है।
-पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग