सोनीपत। सीएनजी संकट के बीच अब राहत की उम्मीद जगी है। वाहन चालकों को सहूलियत देने के लिए पंपों पर रोटेशन से सीएनजी की आपूर्ति शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन जिले के दो पंपों पर चार-चार घंटे के लिए सीएनजी उपलब्ध कराई जाएगी।
शुक्रवार को सेक्टर-7 स्थित पंप पर आंशिक आपूर्ति बहाल हुई जिससे महज चार घंटे ही आपूर्ति की गई। तड़के तीन बजे सप्लाई शुरू होते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि प्रेशर 18 की जगह 14 ही रहा और सुबह सात बजे तक आपूर्ति फिर बंद हो गई। इससे वाहन चालकों की परेशानी जस की तस बनी रही।
बागपत के पास यमुना नदी से गुजर रही गेल की पाइपलाइन पिछले सप्ताह क्षतिग्रस्त हो गई थी। यमुना का जलस्तर अधिक होने के कारण पाइपलाइन की मरम्मत अब तक संभव नहीं हो पाई है। इसी कारण जिले के सभी पंपों पर आपूर्ति बाधित है।
जिले में 20 हजार से अधिक सीएनजी चालित वाहन हैं, जिनमें छह हजार से अधिक ऑटो हैं। आपूर्ति ठप रहने से चालकों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। मजबूरी में कई चालक गन्नौर और सिंघु बॉर्डर स्थित पंपों पर घंटों लाइन में लगने को विवश हैं। कई बार लंबी प्रतीक्षा के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
जलस्तर घटे बिना मरम्मत असंभव
सीएनजी स्टेशन यूनियन गेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह दहिया ने बताया कि जब तक यमुना का जलस्तर कम नहीं होता पाइपलाइन की मरम्मत संभव नहीं है। फिलहाल सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराने के लिए पंपों पर रोटेशन प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि वाहन चालकों को आंशिक राहत मिल सके।
-सोनीपत से मुरथल तक करीब तीन सौ ऑटो चलते हैं। अधिकांश सीएनजी पर आधारित हैं। गैस न मिलने से कई चालकों ने ऑटो खड़ा कर दिया है, जबकि कुछ अतिरिक्त खर्च उठाकर चला रहे हैं।-रामकुमार, प्रधान, ऑटो यूनियन, मुरथल रोड