सोनीपत में हुए पूर्व सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मामले में पुलिस ने शव परिजनों सौंप दिया है। मृतक एक साल पहले वह कमांडो सिक्योरिटी में काम करता था। 28 मार्च को सुबह देवीलाल पार्क में इमरान अली का शव पड़ा मिला था।
सोनीपत के गांव कुमासपुर के पास स्थित देवीलाल पार्क में पूर्व सिक्योरिटी गार्ड की सिर व चेहरे पर ईंट-पत्थर से हमला कर बेरहमी से हत्या करने के मामले में परिजनों के आने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया। परिजन शव को लेकर बरेली रवाना हो गए। पुलिस का कहना है कि मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे है। जल्द उनका पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा।
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गांव शाहपुर तुर्क निवासी विकास ने 28 मार्च को बहालगढ़ थाना पुलिस का बताया था कि एक साल पहले वह कमांडो सिक्योरिटी में काम करते थे। उस दौरान उनकी पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बरेली जिला के गांव तेजगांव निवासी इमरान अली (30) से हुई थी। इमरान बहालगढ़ में किराए पर रहते थे। इमरान अली भी काम की तलाश में कमांडो कंपनी में आए थे। विकास ने बताया था कि उन्होंने बाद में कमांडो कंपनी छोड़कर अपनी खुद की सिक्योरिटी कंपनी बना ली थी।
जिसके बाद इमरान उनके पास कई लोगों को नौकरी पर लगवा चुका था। जिससे उनकी दोस्ती हो गई थी। वह 28 मार्च को सुबह देवीलाल पार्क में घूमने गए तो वहां इमरान अली का शव पड़ा मिला था। उनकी सिर में पत्थर मारकर हत्या की गई थी। उनके चेहरे पर भी वार किए गए थे। बहालगढ़ थाना पुलिस ने विकास के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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मृतक के परिजनों के आने के बाद पुलिस ने इमरान अली के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने हत्यारों का पता लगाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
अधिकारी के अनुसार
पूर्व सुरक्षा गार्ड के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही पुलिस मामले का पटाक्षेप कर देगी। -इंस्पेक्टर राजीव कुमार, थाना प्रभारी, बहालगढ़।