सोनीपत। 16 दिन तक लाल श्रेणी में रहा सोनीपत का वायु प्रदूषण स्तर आखिरकार मंगलवार को थोड़ी राहत के साथ संतरी रंग में पहुंच गया। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब स्थिति से नीचे आने के बावजूद खराब श्रेणी में है। 15 दिन से एक्यूआई लगातार 300 से अधिक दर्ज किया जा रहा था।
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार रविवार देर रात से चल रही पूर्वी हवा ने प्रदूषण के घनत्व को थोड़ा कम किया है। इससे धूल, धुआं और पार्टिकुलेट मैटर का स्तर धीरे-धीरे नीचे आया है। हालांकि, हवा की गति बहुत अधिक न होने के कारण प्रदूषण पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका।
अब 27 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके चलते कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो हवा में मौजूद प्रदूषक के कण नीचे बैठेंगे। आने वाले दिनों में एक्यूआई में और सुधार हो सकता है।
सांस के मरीजों पर बढ़ रहा असर
डॉक्टर जेएस पूनिया के अनुसार हवा के गुणवत्ता स्तर में मामूली सुधार के बावजूद प्रदूषण अभी भी इतना अधिक है कि अस्थमा, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और दिल के मरीजों को सुबह व शाम बिना ठोस कारण के बाहर निकलने से बचना चाहिए। बेशक एक्यूआई 291 पर पहुंचने से तकनीकी रूप से यह संतरी रंग में आ गया है लेकिन स्तर खराब होने के कारण स्थिति अभी भी चिंताजनक है।
बढ़ने लगी ठंड
ठंड बढ़ने लगी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस था। 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चलती रही।
पूर्वी हवा चलने से वातावरण में सुधार हुआ है। एक्यूआई कम हो रहा है। 27 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। अगर बूंदाबांदी होती है तो प्रदूषण से और अधिक राहत मिल सकती है। -डॉ. प्रेमदीप, विशेषज्ञ, केवीके सोनीपत।