गन्नौर। साइबर ठगी के लिए गरीबों को रुपयों का लालच देकर बैंक खाते खुलवाने के आरोप में गिरफ्तार हुए तीनों युवकों से रिमांड के दौरान अहम जानकारियां मिली हैं। जिसके आधार पर क्राइम यूनिट की टीम साइबर ठग गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए छत्तीसगढ़ रवाना हो गई।
पुलिस ने बताया कि सात दिन के रिमांड पर चल रहे तीन युवकों से अहम जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी ऋषभ गुप्ता, सौरभ जैन व सुनील सेठी गिरोह के सदस्य के तौर पर काम करते हैं। उनका काम केवल लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते खुलवाने तक ही सीमित है। खातों को खुलवा कर वह इनका सारा रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ में बैठे गिरोह के मुखिया को सौंप देते थे। बदले में गिरोह का मुखिया उन्हें प्रति खाते 5 से 10 हजार रुपये देता था।
पूछताछ में पुलिस को इस गिरोह के मुखिया के बारे में और जरूरी जानकारी हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ में बैठकर वह इन खातों में लोगों से ऑनलाइन ठगी से मिलने वाली राशि को डलवाता था, ताकि पुलिस द्वारा बैंक का रिकॉर्ड खंगाले जाने पर भी उसकी पहचान छिपी रहे। पूछताछ के दौरान पुलिस काे गिरोह के मुखिया के ठिकानों के बारे में जानकारी मिली है।
क्राइम यूनिट गन्नौर के एसआई चांद सिंह ने बताया कि गन्नौर क्राइम यूनिट की टीम साइबर ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए छत्तीसगढ़ रवाना हो चुकी है। यदि टीम को कामयाबी मिली तो ठगी की कई वारदात का खुलासा हो सकता है।