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पीएम की अपील ठीक पर केंद्र सरकार के पास नहीं दिख रही ठोस नीति : बेदी

Tue, 12 May 2026 05:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो: खरखौदा में प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते किसान नेता। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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खरखौदा। प्रधानमंत्री के सोना, तेल, खाद्य तेल और यूरिया के सीमित उपयोग की अपील पर भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के जिला प्रधान बेदी दहिया ने कहा कि खाद्य तेल खासकर पाम ऑयल के कम इस्तेमाल की अपील सही है पर केंद्र सरकार की कोई ठोस नीति नजर नहीं आ रही है।
उन्होंने बताया कि 2024-25 के किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ हुई कई दौर की बातचीत में यूनियन ने बार-बार यह मुद्दा उठाया था कि देश हर साल पाम ऑयल के आयात पर करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस आयात को कम कर यह राशि किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून लागू करने में लगाए तो इससे किसानों को लाभ होगा। यूनियन के प्रदेश सचिव वीरेंद्र खोखर ने कहा कि यदि सरकार सरसों, सूरजमुखी, तिल और तोड़िया को एमएसपी पर खरीद की गारंटी दे तो देश खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बन सकता है।
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उन्होंने बताया कि कोरोना काल में पाम ऑयल का आयात घटने से सरसों के दाम एमएसपी से ऊपर पहुंचे थे। इससे हरियाणा में इसका रकबा बढ़ा था। वहीं, किसान नेता राजबीर माजरा ने कहा कि यूरिया-डीएपी का उपयोग अचानक कम करना संभव नहीं है। इससे उत्पादन घट सकता है ।
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