फोटो 33: सोनीपत के गांव ईशापुर खेड़ी के टोल प्लाजा से कांग्रेस की ओर से भेजे गए राहत सामग्री के
सोनीपत। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद कांग्रेस आलाकमान की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा था कि कांग्रेस में अब गुटबाजी किसी स्तर पर नहीं रहेगी। सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया था कि वह किसी भी तरह से गुटबाजी में न पड़े अन्यथा पार्टी स्तर पर कार्रवाई होगी, लेकिन जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के महीनेभर के भीतर ही गुटबाजी के संकेत सामने आने लगे हैं।
बुधवार को ईशापुर खेड़ी टोल प्लाजा से रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री से भरे जिन पांच वाहनों को रवाना किया, उन पर लगे पोस्टरों व बैनरों में जिलाध्यक्षों के नाम व फोटो नहीं थे। इससे पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। इसको लेकर भीतरखाने चर्चा हो रही है कि क्या कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं हुई।
बैनरों पर केवल चुनिंदा नेताओं की तस्वीरें लगाई गईं, जबकि जिला स्तर पर संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले अध्यक्षों को नजरअंदाज कर दिया गया। हालांकि, स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए बरोदा विधायक इंदुराज नरवाल ने सफाई दी कि यह सब जल्दबाजी में हुआ है, इसमें किसी तरह की गुटबाजी नहीं है।