सोनीपत के खरखौदा में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन देने संबंधी जानकारी देते खरखौदा सरपंच
खरखौदा। संभावित गोहाना जिले में खरखौदा को शामिल करने की चर्चा के बीच स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना है कि खरखौदा का ऐतिहासिक, सामाजिक व आर्थिक विकास हमेशा सोनीपत से जुड़ा रहा है। इसे गोहाना में शामिल करने से उनकी पहचान कमजोर हो जाएगी।
भाजपा ने प्रदेश में 27 जिलों को मानते हुए अपने 27 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए हैं। वहीं गोहाना को जिला मानते हुए खरखौदा के तीनों मंडलों को संगठनात्मक रूप से गोहाना का हिस्सा बनाया गया है। इससे लोगों को आशंका है कि भविष्य में खरखौदा को गोहाना का हिस्सा बनाया जा सकता है। क्षेत्र के व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों का मानना है कि खरखौदा का औद्योगिक महत्व, खासतौर पर मारुति प्लांट की स्थापना के बाद काफी बढ़ा है। लोग प्रशासनिक कार्यों के लिए सोनीपत पर निर्भर रहते हैं, लेकिन नए जिले में जाने से उन्हें अनावश्यक असुविधा होंगी। खरखौदा सरपंच एसोसिएशन व सामाजिक संगठनों ने इस फैसले के विरोध में एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम बुधवार को एसडीएम को मांग पत्र देने का निर्णय लिया है। प्रशासन से भी आग्रह किया जाएगा कि खरखौदा को सोनीपत में ही शामिल रखे।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि खरखौदा को गोहाना जिले में मिलाने से उनकी प्रशासनिक व आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। वह चाहते हैं कि सरकार उनकी भावनाओं को समझे, इस पर पुनर्विचार करे। गोहाना को सरकार जिला बनाना चाहती है तो वह इसका खुले दिल से स्वागत करते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में वह खरखौदा को गोहाना का हिस्सा बनते हुए देखना नहीं चाहेंगे।
यह खरखौदा की जनभावना : पवन खरखौदा
खरखौदा में दिनभर चली इस चर्चाओं व घटनाक्रम के बाद विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि हाल समय में कोई जिला नहीं बन रहा है। वह खरखौदा के लोगों को आश्वस्त करते हैं कि खरखौदा सोनीपत का ही हिस्सा रहेगा। इसे गोहाना का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा, यह खरखौदा की जनभावना है।