पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के कारण यमुना में पानी छोड़ने से जलस्तर बढ़ गया है। शुक्रवार को हरियाणा के सोनीपत से गुजर रही यमुना नदी में करीब 70 हजार क्यूसेक पानी पहुंच गया है। वहीं अब हथिनीकुंड बैराज से 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गई है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने से आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। वहीं यमुना के अंदर उगाई किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। यमुना के तटबंधों पर एक-दो जगह कटान शुरू हो रहा है। यमुना में हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया करीब 70 हजार क्यूसेक पानी जिले में पहुंच गया है।
शुक्रवार को फिर से 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी सोनीपत पहुंचने से यमुना का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर से यमुना किनारे के लगभग 15-20 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। जिनमें गढ़ी असदपुर, मनौली, बड़ौली, बेगा, पीरगढ़ी, गढ़ी बिलंदा, ग्यासपुर, पबनेरा, चंदौली, टिकौला, गढ़ मिर्कपुर, जाजल शामिल हैं।
दो साल पहले इन गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे और इन गांवों की लगभग 2000 एकड़ फसल यमुना में उफान आने से बर्बाद हो गई थी। गांव बड़ौली के पास कटान होने पर किसानों ने चिंता जताई है। किसान कृष्ण चंद व शीला ने बताया कि ग्रामीण की करीब सौ एकड़ फसल यमुना में बर्बाद हो गई है। कटाव भी शुरू हो गया है। जिससे बाढ़ का खतरा बना रहता है।
यमुना में फिलहाल 70 हजार क्यूसेक पानी है। शुक्रवार को 34 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। यह पानी दो दिन में आएगा। यमुना पर सिंचाई विभाग की टीम पूरी तरह से अलर्ट पर है। कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। अभी किसी तरह के खतरे की बात नहीं है। - अश्वनी फौगाट, एक्सईएन सिंचाई विभाग।