गोहाना। बरोदा रोड स्थित नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ छह महीने के लिए रोहतक डेपुटेशन पर चली गई हैं। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ छह महीने के लिए चाइल्ड केयर लीव पर चली गई हैं। दो चिकित्सकों के जाने से नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में हाई रिस्क डिलिवरी नहीं हो सकेगी। वहीं बच्चों को भी इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
नागरिक अस्पताल में महिलाओं की डिलिवरी के लिए गायनी विभाग में डॉ. निशा पहाड़िया नियुक्त की गई हैं। डॉ. निशा वीरवार को छह माह की डेपुटेशन पर नागरिक अस्पताल रोहतक चली गई हैं। इससे पहले वह तीन महीने की चाइल्ड लीव पर थी। ऐसे में नागरिक अस्पताल में महिलाओं को छह महीने तक महिला रोग विशेषज्ञ की कमी खलेगी। महिलाओं की डिलिवरी नर्सिंग अधिकारी पर निर्भर है। हाई रिस्क डिलिवरी के लिए महिलाओं को रेफर किया जाएगा। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. माेनिका भी वीरवार को छह महीने के लिए चाइल्ड केयर लीव पर चली गई हैं। अब बच्चों के इलाज के लिए अभिभावकों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इसका असर लोगों की जेब पर भी पड़ेगा। उन्हें निजी अस्पतालों में काफी पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
वर्जन
नागरिक अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ छह महीने के लिए रोहतक में डेपुटेशन पर चली गई हैं। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ भी छह महीने के लिए चाइल्ड केयर अवकाश पर रहेंगी। अस्पताल की तरफ से जिला मुख्यालय से अनुबंध आधार पर महिला रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ की मांग की जाएगी।
डॉ. दिनेश छिल्लर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, गोहाना