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कुंडली-सिंघु बॉर्डर: एनएच-44 पर पैच वर्क शुरू, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली हरी झंडी, निर्माण के लिए एनजीटी के आदेश का इंतजार

Sat, 18 Dec 2021 10:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

किसानों के जाने के बाद एनएच-44 पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। अब एनजीटी के आदेश का इंतजार है। प्रतिबंध हटते ही शुरू निर्माण कार्य शुरू होगा।
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नेशनल हाईवे-44 पर पैच वर्क करते कर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर से किसानों की वापसी के बाद नेशनल हाईवे (एनएच)-44 के अधूरे पड़े निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया था, लेकिन निर्माण कार्यों पर एनजीटी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रोक के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का प्रतिबंध अभी तक नहीं हटा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए हाईवे पर पैचवर्क की इजाजत दे दी है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में पैचवर्क तेजी से शुरू कर दिया गया है। 

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कुंडली बॉर्डर के पास किसानों ने आंदोलन करते हुए करीब 385 दिन तक हाईवे को बंद रखा था। ऐसे में पहले से निर्माणाधीन एनएच-44 पर काम भी रुक गया था। ऐसे में किसानों की वापसी के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन एनजीटी व प्रदूषण नियंत्रण विभाग की रोक के चलते काम शुरू नहीं हो पाया।

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अब लोगों के लिए कुछ राहत की खबर है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने पैचवर्क को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद एनएचएआई ने करीब नौ किलोमीटर तक प्रभावित क्षेत्र में पैचवर्क तो शुरू कर ही दिया है, साथ ही पहले से चालू निर्माण कार्य में कंक्रीट बिछाने का काम शुरू कर दिया है। ऐसे में जल्दी ही वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।

13 महीने से बंद है हाईवे का निर्माण कार्य

सबसे बड़े प्रोजेक्ट में शामिल नेशनल हाईवे-44 का निर्माण कार्य 13 माह से बंद था। हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी ने किसान आंदोलन को सबसे बड़ी अड़चन बताते हुए एनएचएआई से निर्माण कार्य की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। एनएचएआई ने कंपनी को 104 दिन का अतिरिक्त समय दिया था। हाईवे का निर्माण कार्य करीब 80 फीसदी पूरा हो चुका है, लेकिन प्याऊ मनियारी के आसपास करीब छह किलोमीटर तक हालत ज्यादा खराब है। अब जबकि किसान वापस जा चुके हैं तो निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया था, लेकिन एनजीटी द्वारा निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण केवल कंक्रीट बिछाने का काम ही किया जा रहा था। पैचवर्क तक बंद था, लेकिन अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों की परेशानी को देखते हुए पैचवर्क की अनुमति दे दी है। अब एनएचएआई ने काम शुरू करवा दिया है।

10 माह लगेंगे निर्माण कार्य पूरा होने में

अगर एनजीटी अब भी निर्माण कार्यों से प्रतिबंध हटा ले तो भी हाईवे का काम पूरा होने में करीब 10 माह का समय लग जाएगा। इसमें बीसवां मील से लेकर कुंडली तक सर्विस रोड, 5 फ्लाईओवर व सड़क विस्तारीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। कुंडली से लेकर पानीपत तक हाईवे निर्माण का काम अपने निर्धारित समय से तीन माह और बढ़ाया गया था। हाईवे विस्तारीकरण का काम कर रही वेलस्पन कंपनी इसके लिए किसान आंदोलन व कोरोना को सबसे बड़ी वजह मान रही थी। एनएचएआई की तरफ से उन्हें सितंबर 2021 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का टारगेट दिया था। अभी तक करीब 80 फीसदी काम पूरा हुआ है।

निर्माण कार्यों पर भले ही प्रतिबंध है, लेकिन कंक्रीट व पैचवर्क के काम की इजाजत है। स्टॉक में रखी सामग्री से काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि शीघ्र वाहन चालकों को सुविधा दी जाए। - आनंद दहिया, डीजीएम, एनएचएआई

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