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Sonipat News: रूठों को मनाने और बागियों को साधने में जुटे दल, हर वोट पर टिकी निगाह

Fri, 08 May 2026 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। नगर निगम चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। चुनाव प्रचार थमने से पहले राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। दलों की सबसे बड़ी चिंता रूठे कार्यकर्ताओं और बागी उम्मीदवारों को मनाने की है। हर वोट को निर्णायक मानते हुए चुनावी रणनीति अंतिम समय में नए समीकरणों के साथ तैयार की जा रही है।
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चुनाव प्रचार के लिए अब केवल आज का दिन शेष बचा है। शुक्रवार शाम होते प्रचार थम जाएगा। इसके साथ ही मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशियों की रणनीति भी बदलने लगी है। बड़ी जनसभाओं, रोड शो और शक्ति प्रदर्शन के बाद अब प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुट गए हैं।
नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा, कांग्रेस और इनेलो समेत कुल नौ प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 22 वार्डों में पार्षद पद के लिए 89 प्रत्याशी चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 10 मई को मतदान होगा जबकि 13 मई को मतगणना के बाद शहर की नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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अंतिम दौर में तेज हुआ चुनावी घमासान

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। बड़े नेताओं की सभाएं, मोहल्ला बैठकों, जनसंपर्क अभियानों और सामाजिक माध्यमों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश तेज हो गई है। प्रत्याशी सुबह से देर रात तक कॉलोनियों, बाजारों और गांवों में लोगों से संपर्क साध रहे हैं।

कांटे का मुकाबला

इस बार चुनावी मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। प्रमुख दल अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं, जबकि विरोधियों की कमियां जनता के सामने रखी जा रही हैं। वहीं छोटे दल और निर्दलीय प्रत्याशी स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी समीकरण प्रभावित करने में जुटे हैं।
बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कवायद

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रत्याशियों की सबसे बड़ी चिंता नाराज कार्यकर्ताओं और बागी उम्मीदवारों को मनाने की बनी हुई है। कई वार्डों में टिकट वितरण के बाद असंतोष खुलकर सामने आया था। ऐसे में प्रत्याशी और दलों के पदाधिकारी देर रात तक रूठे नेताओं और समर्थकों के घर पहुंचकर उन्हें मनाने में लगे हुए हैं। राजनीतिक दलों को आशंका है कि यदि नाराज नेताओं और बागी उम्मीदवारों को समय रहते नहीं साधा गया तो वह चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं और वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।

ज्यादा मतदान वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर

चुनाव प्रचार के दौरान शहर की कॉलोनियों, बाजारों और गांवों में राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ी हुई है। जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं, छोटी बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का दौर जारी है। प्रत्याशी अब उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, जहां मतदान प्रतिशत अधिक रहता है या जहां मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। वहीं मतदान शांतिपूर्ण कराने को प्रशासन ने 15 सौ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई है।
बाजारों और चौपालों में छिड़ी चुनावी बहस

शहर का राजनीतिक माहौल भी पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। चाय की दुकानों, बाजारों, चौपालों और सामाजिक आयोजनों में केवल चुनावी चर्चाएं सुनाई दे रही हैं। समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, जबकि प्रत्याशी अंतिम समय तक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।
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