फोटो :: सोनीपत के गांव धतूरी के ग्रामीण एकत्रित होकर रोष जताते हुए। संवाद
सोनीपत। गांव धतूरी स्थित इंजीनियरिंग यूनिट के मालिक ने छह लोगों पर जबरन वसूली के प्रयास का आरोप लगाया है। फैक्टरी संचालक की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दबाव की कार्रवाई बताया है।
फैक्टरी मालिक विनित परुथी ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि गांव के ही श्रीभगवान त्यागी, निर्देश त्यागी, संदीप कुमार, अनुज त्यागी, निखिल त्यागी और विकास त्यागी उनसे 25 लाख रुपये की अवैध मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि उनकी कंपनी सभी सरकारी नियमों का पालन करती है इसके बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
आरोप है कि रकम देने से इंकार करने पर आरोपियों की तरफ से फैक्टरी के खिलाफ झूठी शिकायत दी जा रही हैं और बार-बार धमकियां दी जाती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ग्रामीणों का आरोप प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने पर दबाव
मामले में नया मोड़ तब आया जब सोमवार को गांव धतूरी के ग्रामीणों ने पुलिस और फैक्टरी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि फैक्टरी से निकलने वाले प्रदूषण के कारण आसपास के गांव प्रभावित हो रहे हैं और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीण श्रीभगवान त्यागी व अन्य ने इस संबंध में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी और एक कमेटी का गठन किया गया था। आरोप है कि इसके बाद सीआईए-1 की टीम ने कुछ ग्रामीणों को उठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और एनजीटी में दर्ज शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। फैक्टरी के प्रदूषण से आसपास बीमारियां फैल रही हैं।
पुलिस विभाग ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। पीआरओ रविंद्र सिंह ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है उन्हें उनसे पूछताछ की कोशिश की जा रही है जिससे मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।