सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में सर्जरी कराने के लिए आने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल को करीब चार साल बाद सर्जन मिला है। सर्जन डॉ. शशिकांत ने अपना चार्ज संभाल लिया है। वह कमरा नंबर 9 में बैठेंगे। अब अस्पताल में रोजाना सर्जरी हो सकेगी।
अस्पताल में जनरल सर्जन की पहले से कमी रही है। दो सर्जन डॉ. सीपी अरोड़ा व डॉ. आरएन तहलान रिटायरमेंट के बाद 65 साल की स्कीम के तहत यहां कार्यरत थे। वह भी बीमार रहते थे। उनके सेवा छोड़ने से सर्जन का पद खाली हो गया था।
सर्जन नहीं होने से मरीजों को परेशानी हो रही थी। मरीजों को अब सर्जरी के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। चिकित्सक की ओर से सर्जरी के लिए पीजीआई रोहतक व बीपीएस महिला मेडिकल काॅलेज खानपुर कलां में रेफर कर दिया जाता था।
हर महीने होती थी 12 से 16 सर्जरी
नागरिक अस्पताल में जरूरतमंद जरनल सर्जरी के लिए पहुंचते हैं। हर महीने करीब 12 से 16 मरीजों की सर्जरी यहां होती थी। अब दोबारा से अस्पताल में गुर्दे की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया, रसौली की मुफ्त सर्जरी हुआ करेगी। निजी अस्पताल में इन सर्जरी के 35 से 40 हजार रुपये लगते हैं।
स्वास्थ्य विभाग में ये है व्यवस्था
उपमंडल नागरिक अस्पताल गन्नौर में सर्जन डॉ. संजय कौशिक और जिला नागरिक अस्पताल में अनुबंधित जनरल सर्जन डॉ. मनित कोरपाल तैनात हैं। डॉ. संजय कौशिक के पास हार्निया ऑपरेशन की तीन वेटिंग है। वहीं, डॉ. मनित कोरपाल के पास हार्निया के ऑपरेशन की 10 वेटिंग है। अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
जिला नागरिक अस्पताल में स्थायी सर्जन मिल गया है। अब पेट की सर्जरी के लिए मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन