फोटो 22: सोनीपत स्थित बीज मार्केट में बंद की गई दुकानें। संवाद
सोनीपत। प्रदेश सरकार की तरफ से लागू किए गए बीज संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में बीज मार्केट के दुकानदारों की हड़ताल जारी है। बाजारों में बीज, खाद और कीटनाशकों की दुकान बंद रहीं। करनाल में हुई बैठक के बाद बीज विक्रेताओं ने अब अनिश्चितकाल के लिए अपनी दुकान बंद रखने का फैसला लिया है। दुकानदारों के हड़ताल पर जाने से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
दुकानदारों का कहना है कि सरकार की तरफ से लाए गए नए विधेयक में उन्हें भी बीज की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर दोषी ठहराया जाएगा। यह निर्णय सही नहीं है। दोषी पाए जाने पर दो साल की सजा और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के विरोध में उन्होंने दुकानें बंद रखी हैं।
बीज विक्रेताओं ने कहा कि वह तो कंपनियों से सीलबंद पैक में बीज लाकर बेचते हैं। जिले में 400 लाइसेंसधारी बीज दुकानदार हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बीज की दुकान खुली हैं। वर्तमान में किसान गेहूं की कटाई कर रहे हैं और सरसों की कटाई के बाद किसानों ने ज्वार और मक्का की बिजाई करने के लिए भूमि तैयार करनी शुरू कर दी है। अब दुकानदारों के अनिश्चितकाल तक दुकान बंद करने की घोषणा की है। ऐसे में किसानों के लिए परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी।
अब जल्द ही दुकान नहीं खुली तो सोनीपत के किसानों को बीज लेकर आने के लिए दिल्ली तक की दौड़ लगानी पड़ सकती है। सोनीपत जिले में खरीफ सीजन के दौरान करीब 2 लाख हेक्टयर भूमि में ज्वार, बाजरा, मक्का, धान व सब्जियां उगाई जाती हैं।
बुधवार को बीज विक्रेता एसोसिएशन के जिला पदाधिकारियों की राज्यस्तरीय बैठक करनाल में आयोजित हुई। बैठक में गोहाना बीज मार्केट एसोसिएशन के अंकित मान और सोनीपत प्रधान सतीश बिन्नी ने भाग लिया। इस दौरान फैसला लिया गया कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तब तक बीज विक्रेता अपनी दुकानें नहीं खोलेंगे।
वर्जन
नए बीज विधेयक के खिलाफ बीज विक्रेता लामबंद हैं। रविवार को कुरुक्षेत्र में बैठक कर फैसला किया गया था कि दुकान एक सप्ताह तक बंद रखी जाएंगी। अब बुधवार को करनाल में बैठक कर फैसला लिया गया है कि जब तक सरकार बातचीत कर कोई हल नहीं निकालती वह दुकान बंद रखेंगे। -सतीश बिन्नी, प्रधान, सोनीपत बीज मार्केट एसोसिएशन।