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अब एम्स में होगी कोरोना वायरस के सैंपल की जांच, चीन से आए व्यापारियों का फार्म भरवाया

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सेक्टर-12 में व्यापारियों के आवास पर परिजनों से डिक्लेरेशन फार्म भरवाते स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। चीन से आने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग हो रही है। वहां से आने वाले व्यक्ति को बुखार, खांसी होने पर उसका सैंपल लिया जाएगा और उस सैंपल को पूना स्थित लैब में भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। जिले के नजदीक दिल्ली के एम्स में लैब की सुविधा शुरू हो गई है। जहां पर कोरोना वायरस के सैंपलों की जांच होगी। इसके लिए विभाग की ओर से चीन से आने वाले व्यक्तियों को ढूंढने के लिए एमपीएचडब्ल्यू व आशा वर्करों की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही चीन के शंघाई से आए व्यापारियों का बुधवार को फार्म भी भरवाया गया।
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चीन से आने वालों की जानकारी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएचडब्ल्यू व आशा वर्करों तक को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए विभाग की ओर से एमपीएचडब्ल्यू व आशा वर्करों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को घर-घर जाकर कोरोना वायरस के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि अगर किसी व्यक्ति को चीन से वापस आने पर सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार या फिर निमोनिया के लक्षण मिलते हैं तो वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। ताकि समय पर उसका उपचार किया जा सके। इसके लिए अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। साथ ही मॉस्क, टेबलेट आदि उपचार की सभी दवाईयां उपलब्ध हैं।
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लक्षण मिलने पर लापरवाही नहीं बरतें लोग
चीन से आने वालों को यदि खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हो तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करके जांच कराएं। इसके अलावा लक्षण वाले यात्री मास्क का उपयोग करें और लोगों से दूरी बनाए रखे। घर से बाहर घूमने के लिए नहीं जाएं। खांसी होने व छींकते समय टिश्यू व रुमाल का उपयोग करें। स्वयं उपचार करने की बजाय डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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व्यापारी के परिजनों से फार्म भरवाया
उप सिविल सर्जन डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि शहर के सेक्टर-12 में रहने वाला व्यापारी 19 जनवरी को चीन से लौटा था। वह किसी काम के मामले में चीन के संघाई शहर में गया हुआ था। इसके बाद उसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग के कर्मचारी बुधवार को उसके आवास पर पहुंचे और वहां पर उसकी गैर मौजूदगी में उसके परिजनों से डिक्लेरेशन फार्म भी भरवाया गया। लेकिन वह फिलहाल पूरी तरह से ठीक है।
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चीन से आने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए विभाग के कर्मियों व आशा वर्करों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ताकि घर-घर जाकर कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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-डॉ. दिनेश छिल्लर, उप सिविल सर्जन
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