सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने महिला को गोली मारकर घायल करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी कुख्यात पवित्र उर्फ धोला व उसके साथी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को दस-दस साल कैद व 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गांव राजपुर निवासी प्रियंका ने 21 अप्रैल, 2018 को मुरथल थाना पुलिस को बताया था कि उनके पति निशांत किसान हैं। उनके पति का गांव के ही राहुल के साथ झगड़ा हो गया था।
जिसमें उनका वर्ष 2015 में समझौता हो गया था। उसके बावजूद वर्ष 2017 में उसकी झगड़े की रंजिश रखते हुए राहुल व गांव के शक्ति ने उनके पति को गोली मारी थी। जिसमें मुरथल थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रियंका ने बताया था कि मामले में उनके पति की गवाही होने वाली है। 20 अप्रैल, 2018 की रात को वह अपने पति के साथ अपने प्लॉट में थी। तभी शक्ति का भाई पवित्र कार में अपने साथी को लेकर आया था। तब पवित्र ने उनके पति निशांत को धमकी दी थी कि उसे मुकदमा मे गवाही देने का मजा चखाते हैं। दोनों ने उनके पति को मारने के लिए तीन गोलियां चलाई थी। वह अपने पति को बचाने लगी तो प्रियंका के पैर में गोली लग गई थी। उनके पति दीवार कूदकर भागे थे।
उनके शोर मचाने पर आस-पास के लोगों को आता देखकर दोनों हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए थे। प्रियंका को अस्पताल में उपचार दिलवाया गया था। तब पुलिस ने प्रियंका के बयान पर हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम ने आरोपी गांव राजपुर निवासी पवित्र को उसके तीन साथियों सहित गिरफ्तार किया था। बाद में प्रियंका पर जानलेवा हमला करने के मामले में पवित्र के साथ रहे उसके साथी उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के गांव जेहरा निवासी गुरमीत को गिरफ्तार किया था।
एसएसजे डॉ. जसबीर सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया। अदालत ने मंगलवार को दोषी पवित्र व गुरमीत को 10-10 साल कैद व 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आठ-आठ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।