राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल व धरना लगातार मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान पांच एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल के बाहर गेट पर पर भूख हड़ताल भी जारी रही। इस दौरान हड़ताली कर्मियों ने सिविल अस्पताल से गीता भवन चौक तक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पुतले की शव यात्रा निकाली और गीता भवन चौक पर पहुंचकर मंत्री का पुतला फूंका।
इस दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों ने सरकार की ओर से रोहतक के सर्व कर्मचारी संघ भवन में चल रही बैठक के दौरान कर्मचारियों को असंवैधानिक नजरबंद करने के निर्णय का जमकर विरोध किया। वहीं, हटाए गए एंबुलेंस चालकों के स्थान पर गैर कानूनी भर्ती निकालकर आमजन के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों का पूरा नहीं किया जाता, तब तक लगातार उनकी हड़ताल व धरना जारी रहेगा।
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजेश कुमार ने बताया किया हड़ताल के चलते एंबुलेंस सेवा, गायनी वार्ड, ओपीडी व अन्य सेवाएं प्रभावित रही। इसमें जिले के सभी संपूर्ण मोबाइल हेल्थ टीम, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस चालक, सूचना सहायक, लेखा सहायक, आशा कोर्डिनेटर, ईएमटी व आफिस स्टाफ आदि शामिल रहे।
प्रदेश सरकार अपना रुख बदले, नहीं तो आंदोलन
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के राज्य सचिव आनंद शर्मा एवं आशा वर्कर यूनियन हरियाणा की सहसचिव सुनीता ने संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार पर अघोषित इमरजेंसी लगाए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन से बौखला गई है। लगातार आंदोलनकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है, वहीं 31 अक्टूबर को एनएचएम कर्मचारियों की रोहतक स्थित सर्व कर्मचारी संघ के कार्यालय पर चल रही राज्य स्तरीय मीटिंग के दौरान रोहतक पुलिस प्रशासन ने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के कार्यालय को रातभर चारों तरफ घेर लिया और कर्मचारी नेताओं को अपने ही कार्यालय में नजरबंद कर रखा है, जो भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र की हत्या को दर्शाता है। अगर राज्य सरकार ने अपना रुख नहीं बदला तो प्रदेश में निर्णायक आंदोलन होगा और भाजपा सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।