सोनीपत। 900 करोड़ से निर्मित नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग को सुधारीकरण के नाम पर करीब तीन माह से जगह-जगह बंद किया गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बहालगढ़ व राई के पास पानी भरने से संपर्क मार्ग टूट जाता था। इसका स्थाई समाधान के लिए कंक्रीट का बेस बनाकर पत्थर (सीमेंटिड ब्लाक) बिछाने का काम शुरू किया गया था। इसके चलते तीन जगह संपर्क मार्ग बंद है। इससे वाहन चालकों को परेशानी के साथ हादसे का भय बना रहता है।
कुंडली से पानीपत तक नेशनल हाईवे-44 का 900 करोड़ में चौड़ीकरण किया गया था। 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है। बहालगढ़ के पास हाईवे का संपर्क मार्ग पानी भरने से बुरी तरह टूट गया था। इसके चलते संपर्क मार्ग के एक हिस्से को पत्थर रखकर बंद किया गया है। वहीं फ्लाईओवर के पास भी मार्ग पर गड्ढे बन गए हैं। इससे हादसे का भय बना रहता है। लोगों को आ रही परेशानी को देखते हुए एनएचएआई इसे दुरुस्त कराने की पहल शुरू की थी, लेकिन इसका निर्माण तीन माह में भी नहीं हो सका है।
बेस बना बिछाए थे ब्लाक
संपर्क मार्ग को पूरी तरह उखाड़कर कंक्रीट और सीमेंट का बेस बनाया गया था। बेस को सूखने के बाद इस पर सीमेंट के ब्लॉक (पत्थर) रखने का काम किया गया। बहालगढ़ में दो सप्ताह पहले ही काम काफी हिस्से में पूरा कर लिया गया। उसके बाद राई के पास पूरा कर दिया गया। ऐसे में बहालगढ़ के पास अभी भी संपर्क मार्ग के बीच में ब्लॉक रखे हैं। राई के पास भी काम रुक-रुककर हो पा रहा है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
हाईवे से गुजरते हैं 80 हजार से अधिक वाहन
एनएच-44 पर हर दिन 80 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। इससे टोल टैक्स के माध्यम से मोटी राशि मिलती है। उसके बावजूद संपर्क मार्ग की हालत खस्ता होने से लोगों को दिक्कत आ रही है। ब्लॉक बिछाने के बाद भी संपर्क मार्ग बंद रखने से एनएच-334बी से हाईवे पर आने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है।
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नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन पर सीसी का बेस बनाकर उस पर ब्लॉक रखे जा रहे हैं। इसका निर्माण पूरा होने के बाद वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी। सीमेंट से सड़क बनाकर पत्थर रखे जा रहे हैं। जहां काम पूरा हुआ है वहां वाहन चालकों के लिए मार्ग जल्द खोला जाएगा।
- जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण