बीसवां मिल के पास टूटने लगी नेशनल हाईवे की सड़क
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सोनीपत। दिल्ली से पानीपत नेशनल हाईवे-44 वाहन चालकों के लिए जानलेवा बन गया है। वाहन चालकों व लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए वर्ष 2015 में हाईवे-44 को आठ लेन करने का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। निर्माण कार्य अभी रुका है, वहीं जो सड़क सही थी वह भी टूटनी शुरू हो गई और गहने गड्ढे हो गए हैं। इस कारण यह हाईवे से रोजाना गुजरने वाले एक लाख से ज्यादा वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। गौर हो कि हाईवे को आठ लेन करने के लिए चार साल पहले उखाड़ा और किनारों से खुदाई करके छोड़ा गया था। वहीं फ्लाईओवर निर्माण की जगह भी बीच से खुदाई की गई है। अब हाईवे का निर्माण कार्य रुका हुआ है, जिससे वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। नेशनल हाईवे 44 पर जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात समेत अन्य राज्यों के रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं। चार साल में हाईवे का केवल 30 प्रतिशत ही काम हो सका है और पिछले एक साल से काम बंद पड़ा है। निर्माणाधीन होने के कारण फ्लाईओवर वाली जगहों पर वन-वे ट्रैफिक होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है।
पीएम ने 2015 में किया था शिलान्यास, एनएचएआई ने ठेका रद्द कर बैंक को फाइल भेजी
नेशनल हाईवे 44 की मुख्य सड़क को छह लेन से आठ लेन बनवाने के साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनवाने के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी से शिलान्यास कराया था। एनएचएआई के अधिकारियों ने शिलान्यास कराने के बाद मेसर्स मुकरबा चौक पानीपत टोल रोड लिमिटेड कंपनी को निर्माण का जिम्मा सौंप दिया था। कंपनी को बिल्ड आपरेशन एंड ट्रांसफर मोड (बीओटी) के आधार पर 2178.72 करोड़ रुपये खर्च करने थे, जिसमें निर्माण अवधि से लेकर 17 साल तक कंपनी टोल वसूलना था। कंपनी के काम नहीं करने के कारण एनएचएआई ने एक महीने पहले ही ठेका रद्द करने की कार्रवाई करते हुए फाइल बैंक को भेजी है। अब गेंद पूरी तरह से बैंक के पाले में पहुंची हुई है कि वह उसी कंपनी के साथ मिलकर नेशनल हाईवे का निर्माण करना चाहता है या वह किसी अन्य कंपनी के साथ करार करता है। इस तरह मामला पूरी तरह से उलझता दिख रहा है, जिसमें बैंक के पास फैसला लेने का अभी चार महीने का समय है।
नेशनल हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी को काफी समय से वित्तीय परेशानी थी। इस कारण ही वह काम नहीं कर रही थी। नेशनल हाईवे के काम में देरी को देखते हुए उसका ठेका रद्द करते हुए एनएचएआई ने फाइल बैंक के पास भेजी है। अब इस पूरे मामले में बैंकों को फैसला लेना है कि वह आगे किस तरह से किस कंपनी के साथ काम करेंगे। सड़क के बीच में गड्ढे होने शुरू हो गए है तो उनको दिखवाकर ठीक कराया जाएगा, जिससे किसी तरह की दुर्घटनाएं नहीं हो। - आनंद कुमार, टेक्निकल मैनेजर एनएचएआई
नेशनल हाईवे-44 का कार्य रुका हुआ है। यह मामला मेरे संज्ञान में है। मैं यह मुद्दा केंद्रीय परिवहन मंत्री के सामने उठा चुका हूं। जल्द ही नेशनल हाईवे-44 का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - रमेश कौशिक, सांसद