नेशनल हाईवे (एनएच) 334 बी के लिए निर्माण के लिए गांव बहालगढ़ में प्रशासन व एनएचएआई की तरफ की गई कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में पंचायत की और कई अहम फैसले लिए। गांव में मौजूद भाजपा के पदाधिकारियों व अनेक कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा देने की घोषणा की। यही नहीं उन्होंने एलान कर दिया कि किसी भी भाजपा नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस्तीफा देने वालों में भाजपा के जिला सचिव सुनील रोहिल्ला व जाखौली मंडल के महामंत्री मास्टर नरेंद्र धीमान भी शामिल हैं।
कार्रवाई के विरोध में पंचायत करने के बाद भाजपा जिला सचिव सुनील रोहिल्ला, मंडल महामंत्री मास्टर नरेंद्र धीमान ने आरोप लगाया कि गरीब लोगों के बगैर किसी नोटिस के मकान तोड़े गए और पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसके विरोध में गांव के सभी बूथ अध्यक्ष, पालक, बीएलए 1, बीएलए 2 व बीएलए 3 अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। अब किसी भी भाजपा नेता को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। उनके गांव में 78 फीसदी भाजपा मतदाता रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक मोहनलाल बड़ौली ने एनएच 334 बी पर अंडरपास बनाने की मांग विधानसभा में रखी थी। उसके बावजूद सरकार व प्रशासन ने मिलीभगत कर उनके साथ बड़ा धोखा किया है। जिस मांग को विधायक विधानसभा में उठा चुके थे, उस पर संज्ञान लिया जाता, इसका भी प्रशासन ने इंतजार नहीं किया। इससे लोगों में गुस्सा है। इसी वजह से भाजपा के जिला सचिव सुनील रोहिल्ला समेत बूथ पालक, बूथ अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की घोषणा की। सुनील रोहिल्ला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी अंडरपास बनाने की मांग पूरी नहीं करेगी, वह किसी भी भाजपा नेता का गांव में कार्यक्रम नहीं होने देंगे। वह वीरवार को अपने इस्तीफे सौंप देंगे। इस मौके पर राजेश, सुरजीत, विशाल, दिनेश, सुरेश पंडित, सुरेश प्रजापत, सुभाष शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश शर्मा, कुलदीप, जतिन पंजाबी, प्रेम पंजाबी, जय सिंह बंजारा, अमित बंजारा, पवन कुकरेजा, हरिसिंह गडरिया, हुकम सिंह, हवा सिंह प्रजापत, जय कवार, प्रिंस छाबड़ा, संजय वाल्मीकि, राजेश कश्यप, सुभाष कश्यप, काला कश्यप आदि मौजूद थे।
सरकार ने ग्रामीणों पर किया अत्याचार : जयतीर्थ
कांग्रेस के पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने भी पुलिस कार्रवाई व मकान तोड़ने की घटना पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि गरीब लोगों के मकान बगैर किसी सूचना के तोड़ दिए गए। कई परिवारों ने तो अधिग्रहण का मुआवजा भी नहीं लिया है। जब महिलाओं ने इस कार्रवार्द का विरोध किया तो उन पर बर्बरता की गई। महिला पुलिस ने उन्हें घसीटने का प्रयास किया।
सोशल मीडिया पर जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
बहालगढ़ के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीण अलग-अलग तरीके से सरकार व प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक युवक ने फेसबुक पर लाइव आकर तोड़फोड़ कार्रवाई का विरोध किया और इसके लिए उसने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार बताया है। स्थानीय नेताओं ने सुनवाई नहीं की। अदालत में केस डालने व स्टे लेने के नाम पैसे भी लिए गए। ग्रामीणों को अंधेरे में रखा और वास्तविकता नहीं बताई।