एजुकेशन सिटी यानी ऐतिहासिक शहर सोनीपत। साल 2016 में शहर की न केवल तकदीर, बल्कि तस्वीर भी बदलने की उम्मीद है। एक तरफ दिल्ली से जीटी रोड के साथ-साथ मेट्रो दौड़ेगी, दूसरी तरफ दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर रेपिड ट्रेन हवा से बातें करती नजर आएगी।
साथ ही नए साल में शहर स्मार्ट सिटी की लिस्ट में भी शामिल होने की उम्मीद हैं। शहर के चार लाख नागरिक इसी उम्मीद और सकारात्मक सोच के साथ शुक्रवार की सुबह नए साल की पहली किरण का स्वागत करेंगे। साथ ही उम्मीद करेंगे कि बदहाल सीवरेज व कानून व्यवस्था व टूटी सड़कों से छुटकारा मिलेगा।
केएमपी व केजीपी पर तेजी से होगा काम
प्रोजेक्ट (कुंडली-मानेसर-पलवल) वेस्टर्न
पेरीफिरेल एक्सप्रेस वे
लंबाई 135.6 किलोमीटर
लागत 2330 करोड़
लेन 6 से 8
सिटी व टाउन : कुंडली, खरखौदा, खेड़ी सांपला, बादली, फरूखनगर, सोहना व पलवल
उम्मीदें : प्रदेश की राजनीति के चक्कर में उलझे बहुप्रतिक्षित एक्सप्रैस वे पर तेजी से काम होगा। इससे सोनीपत सीधा गुडग़ांव, फरीदाबाद से जुड़ जाएगा। लोगों को दिल्ली के जाम व प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
केजीपी
प्रोजेक्ट (कुंडली-गाजियाबाद-
पलवल) ईस्टर्न पेरीफिरेल
एक्सप्रेस वे
लंबाई 135 किलोमीटर
लागत 5100 करोड़
लेन 6 से 8
संपर्क : एनएच 1, एनएच 2, एनएच 24, एनएच 58, एनएच 91 व एसएच 57, हिंडोन एक्सप्रेस व यमुना एक्सप्रेस वे।
पुल व अंडर पास तीन रीवर ब्रिज, 43 बिज्र व 59 अंडर पास।
उम्मीदें
केजीपी बनने से सोनीपत के लोगों यूपी, बिहार, बंगाल व कलकता की तरफ जाने के लिए दिल्ली में घुसे बगैर सीधा व एक्सप्रेस मार्ग मिल जाएगा। इससे दिल्ली के लोगों को जाम व प्रदूषण से राहत मिलेगी। जिले की यूपी के लोगों के बीच कामर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी। सोनीपत यूपी के बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर से आधुनिक एक्सप्रेस वे के माध्यम से जुड़ जाएगा।
नगर निगम आएगा धरालत पर
सीएम की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए छह जुलाई 2015 को प्रदेश सरकार ने नगर परिषद सोनीपत को नगर निगम का दर्जा दे दिया। साथ ही राई, मुरथल व सोनीपत ब्लाक की 26 पंचायतों को निगम में शामिल कर लिया। उम्मीद है सरकार जल्द नए सिरे से निगम की वार्डबंदी कर चुनाव कराएगी।
प्रोजेक्ट : रोहतक रोड न्यू आरओबी
समय अवधि 2 वर्ष
पूरा होगा जून 2016
अनुमानित लागत 21.10 करोड़
फायदा सोनीपत से खरखौदा की ओर जाने के लिए पुराने आरओबी पर लगने वाले जाम से वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी।
उम्मीदें : वर्ष 2013 में पूर्व सीएम भूपेेंद्र सिंह हुड्डा ने पुल का शिलान्यास किया था। वर्ष 2014 में इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया था। पुराने रोहतक रोड पुल पर लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। एनएच 334बी पर यह पुल का निर्माण किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट : पुरखास रोड आरओबी
समय अवधि 2 साल 6 माह
पूरा होगा सितंबर 2016
अनुमानित लागत 35 करोड़
फायदा: जाहरी फाटक पर आरओबी का निर्माण किया जा रहा है। इससे शहरी लोगों के साथ-साथ गन्नौर विस क्षेत्र के गांव सीधे सोनीपत शहर से जुड़ सकेंगे और जाहरी तक तरफ निर्माण हो रहे बाईपास का लाभ उठा सकेंगे।
उम्मीदें: जून 2013 में पूर्व सीएम हुड्डा ने पुरखास रोड आरओबी की आधारशिला रखी थी। एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद की गई थी। गोहाना रोड आरओबी का निर्माण के चलते पुरखास रोड पर काम धीमी गति से चल सका।
प्रोजेक्ट : बाईपास फेज-2
समय अवधि 2 साल
पूरा होगा मार्च 2016
अनुमानित लागत 14.75 करोड़
फायदा: बाईपास के निर्माण से सोनीपत को जाम से मुक्ति मिल सकेगी। इस बाईपास फेज-2 के निर्माण पूरा होने से गोहाना रोड को सीधे बाईपास फेज वन के माध्यम से जीटी रोड से जोड़ा जाएगा। भारी वाहन चालकों व निजी वाहन चालकों को फायदा होगा।
उम्मीदें: फेज-2 आगे गोहाना रोड से मिलना है। दिल्ली-अंबाला रेललाइन पर बनने वाले आरयूबी पर सरकार की ओर से हरी झंडी दिखा तो दी, लेकिन रेलवे की ओर से कोई अनुमति नहीं मिल पाई। गोहाना जींद रेल लाइन पर बनने वाले आरओबी के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
प्रोजेक्ट : सोनीपत-जींद रेलवे लाइन
समय अवधि 7 वर्ष
पूरी हुई दिसंबर 2015, अब ट्रेन के परिचालन का इंतजार बाकी
अनुमानित लागत 800 करोड़
फायदा: सोनीपत से जींद ट्रेन द्वारा जाने के लिए शहर के लोगों को भारी फायदा होगा। साथ ही जींद तक सफर भी आसान हो जाएगा, जींद जाने के लिए समय भी कम लगेगा।
उम्मीदें: निवर्तमान सांसद स्व. किशन सिंह सांगवान के समय के दौरान वर्ष 2008 में जींद-गोहाना-सोनीपत रेललाइन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसका टाइम पीरियड दो साल रखा गया था। बाद मेें जमीन अधिग्रहण व बारिश के कारण काम अधर में रहा गया।
बाक्स
प्रोजेक्ट : छतेेहरा बहादुरपुर आरओबी
पूरा होगा अप्रैल 2016
अनुमानित लागत 43 करोड़
फायदा: सोनीपत के लिए यह पुल बाईपास का काम करेगा। रोहतक व बहादुगढ़ ने आने वाले लागे सोनीपत शहर में जाने की बजाय सीधे जीटी रोड की तरफ जा सकेंगे।
उम्मीदें: अक्टूबर 2012 मेें इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पेड़ों की कटाई देरी से होने के चलते काम धीमी गति से चल सका।
प्रोजेक्ट का नाम : रेनीवेल परियोजना
बसमयावधि : 5 साल
पूरा होगा : मार्च 2016
अनुमानित लागत : 70 करोड़
फायदा : पूरे शहर को गांव जाजल में लगे प्लांट के जरिए यमुना का पानी स्वच्छ कर दिया जाएगा। शहर में अभी तक पानी की सप्लाई ट्यूबवेल है। इस परियोजना का फायदा हर एक शहर वासी को होगा।
उम्मीदें : वर्ष 2011 में जब यह परियोजना शुरू की गई थी तो जोर-शोर से काम किया गया था, लेकिन इसके बाद से काम रुक गया था। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही परियोजना पूरी हो जाएगी और लाखों लोगों को स्वच्छ पानी मिल पाएगा।