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नए कानून लागू : मिल सकेगा त्वरित न्याय, मुकदमा दर्ज करवाना होगा आसान

Mon, 01 Jul 2024 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। देश भर में एक जुलाई से नए कानून प्रचलन में आ गए हैं। कानून प्रणाली में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। इनमें तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनयम शामिल हैं। जिनके माध्यम से पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा। वहीं मुकदमा दर्ज करवाना भी बेहद आसान होगा। जिला बार परिसर में भी दिन भर लागू किए गए नए कानूनों को लेकर ही चर्चाएं चलती रहीं। इस बारे में अधिवक्ताओं से बातचीत की गई तो कुछ ने इसे बेहतर बताया तो वहीं कई अधिवक्ताओं ने इसे समय व पैसे की बर्बादी बताया।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि भारतीय कानून प्रणाली में बदलाव के लिए तीन विधेयक वर्ष 2023 में संसद में पेश किए गए थे। जिन्हें 25 दिसंबर 2023 को राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार ने 24 फरवरी को तीनों नए आपराधिक कानूनों को 1 जुलाई से लागू करने की घोषणा की थी, जिन्हें सोमवार से लागू कर दिया गया है। इसके लिए डिजिटल साक्ष्यों को पारंपरिक साक्ष्यों के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब पुरानी धाराओं व एक्ट के साथ नई कानूनों पर भी अध्ययन करना पड़ेगा। हालांकि अदालतों में चल रहे पुराने मुकदमों में उन्हीं धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान रमन छिल्लर, सतेंद्र खत्री, प्रवीन मलिक, विकास भारद्वाज, साहिल दलाल व रोहित ने नए कानूनों को लेकर चर्चा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
अधिवक्ताओं ने कहा-
नए कानून व नियमों के साथ अलग से एक्ट बनाने की कोई जरूरत नहीं थी। सरकार का यह कदम सिर्फ पैसों और समय की बर्बादी है। जब किसी अपराध में वीडियो बनाई जाती थी तो पुलिस के लिए वही फोन सबूत के तौर पर मान्य होता था। नए कानून के तहत वीडियो होनी चाहिए, फोन कोई भी हो। ऐसे तो सबूत से छेड़छाड़ की जा सकती है।
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सुरेश मलिक, अधिवक्ता
फिलहाल आमजन के साथ अधिवक्ताओं को भी नई धाराओं की पूर्ण जानकारी नहीं है। समय के साथ धीरे-धीरे बदली गई धाराओं के बारे में पता लगेगा। जिससे परेशानियां बढ़ना लाजिमी है। लोगों को तैयार की गई ऑनलाइन एप पर शिकायत दर्ज करवाने में भी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसका कारण यह है कि सभी लोगों को एप का ज्ञान नहीं है। ऐसे में अनपढ़ या कम पढ़े लोग क्या करेंगे।
बालकिशन शर्मा, अधिवक्ता
देश में नए कानून लागू कर सरकार से सराहनीय कदम उठाया है। नए कानून लागू होने से पीड़ितों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगेगी। साथ ही मुकदमा दर्ज करवाना भी आसान होगा। लागू किए गए नए कानूनों का अध्ययन करने के साथ यह भी ज्ञात हो जाएगा कि पहले क्या संसाधन थे और अब क्या रहेंगे। किसी भी बेहतर काम के लिए शुरुआत में थेाड़ी-बहुत परेशानियां तो आती ही हैं।
रजनीश मलिक, अधिवक्ता
नए कानून सभी के लिए फायदेमंद होंगे। भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता व साक्ष्य अधिनियम अब समाप्त हो गए हैं। इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले ली है। यह पहली प्रक्रिया है। नए कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में 45 दिन के अंदर फैसला व 60 दिन के भीतर आरोप तय किए जाएंगे। मामलों को लटकाने की बजाय उन्हें जल्द निपटाया जाएगा।
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अशोक भारद्वाज, अधिवक्ता


बदली गईं धाराएं



पहले धारा अपराध अब धारा



धारा 302 हत्या 103



धारा 307 हत्या का प्रयास 109



धारा 323 मारपीट 115



धारा 354 छेड़छाड़ 74



धारा 354ए शारीरिक संपर्क व आगे बढ़ना 76



धारा 354बी शारीरिक संस्पर्श व अश्लीलता 75



धार 354सी ताक-झांक करना 77



धारा 354डी पीछा करना 78



धारा 376 दुष्कर्म करना 64



धारा 392 लूट करना 309



धारा 420 धोखाधड़ी 318



धारा 506 जान से मारने की धमकी देना 351



धारा 304बी दहेज हत्या 80



धारा 306 आत्महत्या के लिए उकसाना 108



धारा 509 आत्महत्या का प्रयास करना 79



धारा 294 गाली देना या गलत इशारे करना 296



धारा 509 लज्जा भंग करना 79



धारा 324 जान-बूझकर चोट पहुंचाना 118(1)



धारा 325 गंभीर चोट पहुंचाना 118(2)



धारा 353 लोकसेवक को डराकर रोकना 121



धारा 336 दूसरे के जीवन को खतरा पहुंचाना 125



धारा 337 मानव जीवन को खतरे वाली चोट पहुंचाना 125(ए)



धारा 338 मानव जीवन को खतरे वाली चोट 125(बी)



धारा 341 किसी को जबरन रोकना 126



धारा 284 विषैला पदार्थ के संबंध में अपेक्षा पूर्ण आचरण 286



धारा 448 गृह अतिचार के लिए दंड) 329(4)



धारा 493 दूसरा विवाह करना 82



धारा 495ए पति या उसके रिश्तेदार की ओर से क्रूरता 85
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