फोटो : सोनीपत के राठधना स्थित एसटीपी का निरीक्षण करने पहुंचे मेयर राजीव जैन। स्रोत: प्रवक्ता
सोनीपत। राठधना गांव के पास सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) अब 30 के बजाय 90 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाएगा। इस परियोजना पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। नगर निगम ने 90 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण की स्वीकृति के लिए एसएमडीए को पत्र भेजा है। एसएमडीए जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी करेगा।
पहले एसएमडीए राठधना में 30 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए 86.88 करोड़ रुपये का टेंडर भी लगाया गया था। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एसएमडीए की पिछली बैठक में भविष्य में आबादी विस्तार को देखते हुए 30 के बजाय 90 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाने का प्रस्ताव रखा गया। एक्स एल टेक कंपनी से इस संबंध में सर्वे रिपोर्ट भी तैयार करवाई गई है।
26 वर्ष पहले बना था 30 एमएलडी क्षमता का एटीपी
राठधना में जन स्वास्थ्य विभाग ने 26 वर्ष पहले 30 एमएलडी क्षमता का एटीपी बनाया था। इससे शोधित पानी ड्रेन नंबर 6 में छोड़ा जाता है जो ड्रेन नंबर 8 के रास्ते यमुना नदी में चला जाता है। शहर की आबादी बढ़ने और नई कॉलोनियों के विकसित होने के कारण मौजूदा ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता कम पड़ रही थी। पानी की अधिकता के कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) कई बार आपत्ति जता चुका है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है।
वर्जन
90 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने के बाद विशेषकर ईस्टर्न जोन में सीवर जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। सीवरेज का पानी अधिक होने के कारण लाइन में खड़ा रहता है जिससे सीवरेज लाइन गाद से भरकर जाम हो जाती है। इस नए प्लांट के बनने से अगले 30 वर्ष तक सीवरेज की समस्या से राहत मिल जाएगी।
राजीव जैन, मेयर