सोनीपत। राई स्थित हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में आयोजित की जा रही 51वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का दूसरा दिन विज्ञान व रचनात्मकता पर केंद्रित रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न सेमिनार सत्रों के माध्यम से विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेरणादायक विज्ञान वार्ता की श्रृंखला से की गई। जिनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी की असीम संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। आईआईटी दिल्ली के भौतिकी विभाग की प्रोफेसर जोई घोष ने क्वांटम संचार पर एक यात्रा कराई। उनका सत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति व आधुनिक अनुप्रयोगों के साथ जुड़ा था। एनसीईआरटी के प्रो. अनूप राजपूत ने कंप्यूटेशनल थिंकिंग क्षेत्र का परिचय दिया। एनसीईआरटी की प्रो. रुचि वर्मा ने सरल गतिविधियों व प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान सीखने को एक इंटरएक्टिव और आनंददायक अनुभव में बदलने के तरीके दिखाए।
दोपहर को प्रदर्शनी खंड का उद्घाटन किया गया, जिसमें परियोजनाओं को पांच विषयों के तहत प्रदर्शित किया गया। स्वास्थ्य सेवा और कल्याण में नवाचार, स्थायी जीवन और पर्यावरण संरक्षण के समाधान, खेती के तौर-तरीके एवं खाद्य सुरक्षा में प्रगति, बेहतर संपर्क और गतिशीलता के लिए भविष्य की अवधारणाएं, प्रौद्योगिकी आधारित विश्लेषणात्मक समस्या समाधान को प्रोत्साहित करना शामिल रहे। इसमें 6300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने व्यावहारिक शिक्षण में भाग लिया, सवाल पूछे, जिज्ञासा व रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया।
बच्चों के लिए ज्ञान का केंद्र रही स्टॉल :
निपुण हरियाणा मिशन का स्टॉल : यह सबसे आकर्षक व रोचक स्टॉलों में से एक था। सोनीपत, पानीपत, झज्जर, गुरुग्राम व रोहतक जिलों के इन स्टॉलों न विद्यार्थियों व प्रदर्शकों के बीच उत्साह व आनंद का माहौल बनाया। स्टॉल पर शिक्षण-सामग्री व उनके बालवाटिका-3 से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में व्यावहारिक उपयोगों पर जानकारी दी।
स्वास्थ्य थीम के तहत 5 मुख्य परियोजनाएं
पोर्टेबल ईसीजी : यह परियोजना पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस प्रस्तुत करती है जो सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ व किफायती बनाती हैं।
मेड केयर सॉल्यूशंस : यह एक टच-सेंसिटिव मेडिसिन डिस्पेंसर व ई-क्लिनिक पोर्टल प्रस्तुत करती है जो स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को प्रदर्शित करती है।
शरीर मुद्रा सुधारने के लिए पहनने योग्य उपकरण : एक हल्का उपकरण गलत मुद्रा के लिए अलार्म देता है व सही स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।
अस्पतालों के लिए बर्फ पिघलाने की प्रणाली : यह प्रणाली सर्दियों में अस्पतालों के रास्तों को बर्फ से मुक्त व सुरक्षित रखती है।
शिशु निगरानी प्रणाली : यह प्रणाली माता-पिता को शिशु की स्थिति की निगरानी करने व वास्तविक समय में अपडेट प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।