सोनीपत। रोहतक के गांव पहरावर में शुक्रवार को आयोजित हुए राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जयंती समारोह में 460 बसों को लगाया गया था। इनमें अन्य बस डिपो से 100 बसें मंगाकर रोहतक भेजी गई।
आरटीओ की तरफ से 250 बसों की व्यवस्था अलग से की गई। कई गांवों में पहरावर जाने के लिए लोग नहीं मिले तो 20 बस वापस बस अड्डे पर लौट आई। इसके चलते रोडवेज बसों के नारनौल, हिसार, रोहतक रूट समेत सभी लोकल रूट बंद रहे, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य की तरफ जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बस अड्डे पर सुबह से ही यात्री गोहाना, दिल्ली, पानीपत, रोहतक, गन्नौर, खानपुर कलां, सांपला, झज्जर, बागपत, बड़ौत, चंडीगढ़, अंबाला समेत कई रूटों पर बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। यात्री बार-बार पूछताछ केंद्र पर बसों की जानकारी लेने के लिए दौड़ लगाते रहे, लेकिन बसों की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाई और यात्री बस अड्डा में बसों का इंतजार करते रहे।
कुछ रूटों पर प्राइवेट बसों का संचालन रहा, जिससे यात्रियों को राहत मिली। बड़ौत, दिल्ली, रोहतक रूट पर जाने वाले यात्री बस अड्डे पर रोडवेज बस के आने का इंतजार करते रहे। राज्यस्तरीय समारोह को लेकर सोनीपत डिपो की 108 रोडवेज बसों का इंतजाम किया था। सोनीपत से नारनौल, हिसार, रोहतक, पानीपत व लोकल ग्रामीण रूट बंद रहे। जयपुर व आगरा रूट से दो-दो बसों व लुधियाना रूट से एक बस को हटाया गया था। कई रूट पर बसों की संख्या कम होने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बड़ौत जाने के लिए रोडवेज बस नहीं मिल रही है। एक घंटे से बस का इंतजार में बैठा हुआ हूं। पूछताछ खिड़की पर कर्मचारी बस के आने की कोई सूचना भी नहीं दे रहे है।
राजेंद्र, कासंडा।
घरेलू कार्य के लिए सोनीपत आया था। अब घर जाने के लिए दो घंटे से बस के इंतजार कर रहा हूं। अब तक उत्तर प्रदेश की ओर जाने के लिए बस नहीं मिली है। जिससे मुझे परेशानी हो रही है।
संतराम, गढ़ मिरकपुर।
फोटो 23: राजेंद्र, कासंडा।