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मुरथल में एक सप्ताह बाद ढाबे खुले, लौटने लगी रौनक, 27 नियमों का रखना होगा ध्यान

Sun, 13 Sep 2020 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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पहलवान ढाबे पर खाना खाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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देशभर में मशहूर मुरथल के ढाबों पर काफी संख्या में कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सील किए गए ढाबों को शनिवार को दोबारा से खोल दिया गया। जिससे मुरथल की रौनक दोबारा से लौटने लगी है। प्रशासन ने इस बार साफ कर दिया है कि 27 नियमों का पालन सभी को करना होगा।

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प्रत्येक 15 दिनों में कोरोना जांच के लिए कर्मियों के सैंपल लिए जाएंगे। किसी जगह नियमों को उल्लंघन मिलता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही थाना क्षेत्रों के आधार पर टीमें बना दी गई हैं, जो रोजाना निरीक्षण करके रिपोर्ट डीसी को देगी। वहीं सुखदेव ढाबा अभी बंद रहेगा, क्योंकि वहां कुछ काम कराया जा रहा है।

देशभर में मशहूर मुरथल के ढाबों पर लॉकडाउन खुलने के बाद से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। वहां सोशल डिस्टेंसिंग तक का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। यहां तक कि उनके कर्मी मास्क तक नहीं लगा रहे थे। इसकी लगातार शिकायत होने के बावजूद भी अफसर केवल चेतावनी देकर खानापूर्ति कर रहे थे। जिसके बाद कोरोना जांच कराने पर सुखदेव ढाबे पर 71 व गरम-धरम ढाबे पर 10 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। जिसके बाद दोनों ढाबों को सील कर नोटिस दिया गया था।
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इसके साथ ही अन्य ढाबों की जांच कराई गई तो पहलवान, झिलमिल, गन्नौर के साहेब, कनक सहित कई अन्य ढाबों व होटलों में कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इनको भी सील कर दिया गया था और इस तरह से मुरथल में ढाबे सील होने से वहां की रौनक चली गई थी। जिसके बाद कुछ ढाबे शुक्रवार शाम को खोले गए तो अन्य सभी को शनिवार को खोल दिया गया। जिससे मुरथल की रौनक दोबारा से लौटने लगी है। गरम-धरम ढाबे पर शनिवार को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुर्सियां लगाई गई थी। पहलवान ढाबे पर भी इस तरह ही किया गया था। जिससे प्रशासन के कोरोना से बचाव के लिए बनाए गए नियमों का पालन किया जा सके।

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हर 15 दिन में होगी कर्मियों की जांच, 27 नियमों का करना होगा पालन

ढाबों के लिए एक नियम तय कर दिए गए हैं और उन नियमों का पालन ढाबा संचालकों को करना होगा। प्रशासन ने 27 नियमों की लिस्ट ढाबा संचालकों को सौंपी है। इन 27 नियमों में सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क व सैनेटाइज किए जाने तक के नियम शामिल हैं। इसके साथ ही साफ कर दिया गया है कि ढाबों व होटलों के कर्मियों की हर 15 दिन में सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।

फोटो व सेल्फी नहीं लेंगे, धूम्रपान भी नहीं कर सकेंगे
ढाबों पर आने वालों का पूरा ब्योरा रखना होगा, जिसको एक रजिस्टर में लिखना होगा। कोई अपना ब्योरा नहीं देता है तो उसे ढाबे में नहीं जाने दिया जाएगा। हर किसी के हाथ सैनिटाइज कराने होंगे तो थर्मल स्कैनिंग से जांच करनी होगी। ढाबों पर किसी की उम्र 60 साल से ज्यादा नहीं होगी।

कर्मचारियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा तो हाथ भी सैनिटाइज करते रहना होगा। ढाबों पर ज्यादा से ज्यादा भुगतान डिजिटल माध्यम से करने का प्रयास किया जाएगा। ढाबों पर फोटो व सेल्फी पर रोक रहेगी, जिससे कोई मुंह से मास्क नहीं हटाए। ढाबों पर कोई धूम्रपान नहीं कर सकेगा और इसके लिए भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
ढाबों पर कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सील कर दिया गया था। जिससे उनको सैनिटाइज कराने के साथ ही व्यवस्था को सुधारा जा सके। अब उनको खोलने के लिए कह दिया गया है लेकिन उनको सभी नियमों का पालन करना होगा और किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -श्यामलाल पूनिया, डीसी सोनीपत।
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