सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि मुरथल अब रोबोटिक्स के क्षेत्र में उद्यमी बनने वाले युवाओं को प्रशिक्षण देगा। इसके साथ ही साथ जो युवा रोबोटिक्स के क्षेत्र में स्टार्ट अप प्रारंभ करना चाहते हैं, उनको सहयोग देने का कार्य भी किया जाएगा। प्रदेश के युवाओं को रोबोटिक्स के क्षेत्र में उद्यमी बनाने में मुरथल विवि अहम भूमिका निभाएगा। मुरथल विवि को रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रदेश का पहला इंक्यूबेशन सेंटर मिला है।
प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग ने इंक्यूबेशन सेंटर के लिए विश्वविद्यालयों से प्रस्ताव को आमंत्रित किए थे। जिनमें डीसीआरयूएसटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा था। विश्वविद्यालय के इसी प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है। युवाओं के विचार और अनुसंधान को व्यावसायिक रूप देने में इंक्यूबेशन सेंटर अहम भूमिका अदा करेगा। इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से प्रबंधन प्रशिक्षण, कार्य स्थल और सलाह प्रदान करके स्टार्टअप कंपनियों की मदद की जाएगी। स्वचालन (ऑटोमेशन), चिकित्सा, रक्षा, परिवहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, मानव रहित वाहन, संगणना और कृषि के क्षेत्र में उभरती हुई कंपनियों को इंक्यूबेशन सेंटर से लाभान्वित किया जाएगा।
छात्र, संकाय सदस्य, पूर्व छात्र, कंपनियां उठा सकेंगी लाभ : कुलपति
कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा है कि इंक्यूबेशन सेंटर विवि में एक अनूठी सुविधा होगी, जिसमें कंपनियों को दक्ष ,अनुभव, नेटवर्किंग और विस्तार प्रदान करके तैयार किया जाएगा ताकि वे बाजार में लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। इंक्यूबेशन सेंटर का लाभ विवि के छात्र, संकाय सदस्य, पूर्व छात्र, कंपनियां, उद्योग व समाज के लोग उठा सकेगें। इंक्यूबेशन सेंटर राष्ट्र व प्रदेश के विकास को बढ़ावा देगा। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय इन्क्यूबेशन सेंटर को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ ही साथ स्टार्टअप के लिए एक प्रेरक मंच प्रदान करने के लिए एक्सेस टू मेंटर्स एंड एडवाइजर्स विशेषज्ञों की सहायता भी उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र उद्यमियों और नवोन्मेषकों के बीच विचारों के क्रॉस परागण की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे ज्ञान, अनुसंधान और प्रगति को साझा कर सकें।
एमएचआरडी और आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से बनी है लैब
इंक्यूबेशन सेंटर प्रधान अन्वेषक डॉ. पवन कुमार दहिया ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विवि ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ द थिंग्स के क्षेत्र में योग्यता हासिल की है। विवि में ई. यंत्र लैब एमएचआरडी और आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से स्थापित की गई है। रोबोटिक्स लैब के कारण छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। छात्रों को विवि के रोबोटिक्स सोसाइटी के तहत सांय को शिक्षक समन्वयक और साथ ही वरिष्ठ छात्रों द्वारा रोबोटिक्स पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इंक्यूबेशन सेंटर के साथ छात्रों और पूर्व छात्रों के सपने और विचारों को सफल व्यावसायिक प्रस्तावों में परिवर्तित करने में मदद मिलेगी। इस दौरान रजिस्ट्रार प्रो. अनिल खुराना, शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. राजकुमार, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के अधिष्ठाता प्रो. जेएस सैनी व इसीई अध्यक्ष प्रो. मनोज दूहन ने इंक्यूबेशन सेंटर प्रधान अन्वेशक डॉ.पवन कुमार दहिया के प्रयासों की सराहना की।