दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में पर्यावरण को बचाने के लिए बड़ी मुहिम शुरू हो रही है। यूनिवर्सिटी में एक छात्र-एक पौधा व्यवस्था लागू होगी और हर छात्र को एक पौधा लगाकर उसकी देखरेख करनी होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में ईको फ्रेंडली क्लब भी बनाया जाएगा, जिसमें चार प्रोफेसरों की कमेटी बनाई जाएगी। उसके बाद क्लब में शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य कर्मचारी शामिल हो सकेंगे। इस तरह से विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर मुहिम को शुरू कर रही है, जिसकी पूरी योजना बनाकर काम भी शुरू कर दिया गया है।
पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में शुरू हो रही मुहिम के तहत एक छात्र को एक पौधा लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा और यूनिवर्सिटी में हर छात्र से एक पौधा लगवाया जाएगा। इस तरह 6 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे और इसके लिए पहले चरण में एक हजार पौधे लगाने का टारगेट रखा गया है, जिसके लिए यूनिवर्सिटी में जगह चिह्निनत करके पौधे लगाने के लिए गड्ढे खुदाई का काम शुरू हो गया है। अभियान के तहत छात्रों को जागरूक भी किया जाएगा कि वे जब तक विवि में पढ़ाई करेंगे, उस समय तक पौधे की देखरेख करनी होगी। जिससे वह पौधा पानी की कमी से सूख नहीं सके तो उसे कोई तोड़ भी नहीं सके। विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि लगभग एक साल में पौधा बड़ा होने लगता है और उसके बाद देखरेख कम होने पर भी वह बढ़ सकता है।
ईको फेंडली क्लब चलाएगा अभियान
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल में एक ईको फ्रेंडली क्लब भी बनाया जा रहा है। जिसमें डॉ. एसके जरियाल की अध्यक्षता में चार प्रोफेसरों की कमेटी बनाई जाएगी। उसके बाद क्लब से कोई भी जड़ सकता है, जिसमें टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के सदस्यों के अलावा विद्यार्थी हो सकते हैं। जिससे क्लब के सहारे पर्यावरण बचाने के लिए अभियान चलाए जा सकें। लोगों को जागरूक किया जाएगा कि पेड़ों से प्रदूषण कम होगा और जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
स्वच्छ वातावरण की इस समय सबसे ज्यादा जरूरत
यूनिवर्सिटी में पर्यावरण बचाने के लिए मुहिम शुरू हो रही है, जिसमें पहले चरण में एक हजार पौधे लगाए जाएंगे। यहां ईको फ्रेंडली क्लब भी बनाया जाएगा। इस समय लोगों को जीवन में सबसे ज्यादा स्वच्छ वातावरण की जरूरत पड़ेगी और उसके लिए पौधे लगाना जरूरी है। इसको देखते हुए ही विवि ने इस योजना पर काम शुरू किया है।
प्रो. राजेंद्र अनायत, कुलपति मुरथल विवि