सोनीपत। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित एसआरएम विश्वविद्यालय व आईआईटी दिल्ली के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया। जिसका उद्देश्य अनुसंधान, प्रशिक्षण, विशेषज्ञ-व्याख्यान श्रृंखला को बढ़ावा देना है।
समझौता ज्ञापन के तहत आईआईटी दिल्ली व एसआरएम विश्वविद्यालय आपस में एक दूसरे के संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे। जिसमें आईआईटी दिल्ली स्थित फ्लोरेंस माइक्रोस्कोपी, स्पेक्ट्रोस्कोपी, 300केवी क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप जैसे उपकरण भी शामिल हैं। एसआरएम समूह के अध्यक्ष डॉ. रवि पचामुथू ने कहा कि एसआरएम समूह विद्यार्थियों व शोधार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए भविष्य में भी ऐसे और भी समझौता ज्ञापन किए जाएंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसआरएम विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति ने भी उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया। एसआरएम समूह के रजिस्ट्रार एवं डीन अकादमिक डॉ. वी. सैम्यूल राज व आईआईटी दिल्ली की ओर से निदेशक प्रो. समीर सपरा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन के तहत विद्यार्थियों के लिए शोध के नए द्वार खुलेंगे, जिससे विद्यार्थी शोध व प्रशिक्षण से नए आयाम स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि समूह का उद्देश्य सहयोग के माध्यम से अंतःविषय अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ाना और नवाचार को बढ़ावा देना है। इस दौरान एसआरएम विश्वविद्यालय से डॉ. संजय विश्वनाथन, डॉ. रामेंद्र पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।