फोटो 26- सोनीपत के मुरथल स्थित बाबा बिशनदास धाम में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते स्वाम
सोनीपत। स्वामी सत्यदेव महाराज ने बताया कि माता सती का त्याग व शिव भक्ति का आदर्श आज भी संसार के लिए प्रेरणा है। अहंकार, अपमान, असत्य के विरोध में माता सती का निर्णय संदेश देता है कि धर्म में हमेशा सत्य, संयम, आत्मसम्मान सर्वोपरि होते हैं।
मुरथल स्थित बाबा बिशनदास धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक स्वामी सत्यदेव महाराज ने सती चरित्र एवं परीक्षित स्वर्ग-प्रवेश के प्रसंग का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। कथा की शुरुआत कथावाचक ने मुख्य यजमान रामबिलास गोयल परिवार के साथ भागवत पूजन करके की।
कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य कर माहौल को भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक बनाया। कथा के पश्चात आरती कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। प्रधान पवन गोयल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा 14 दिसंबर तक जारी रहेगी। कथा में कृष्ण गोयल, सुशील, प्रवीण, मीनू मंगला सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो 26- सोनीपत के मुरथल स्थित बाबा बिशनदास धाम में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते स्वाम