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हरियाणा: एक लाख का इनामी पेपर सॉल्वर गैंग का सरगना चढ़ा एसटीएफ के हत्थे, दिल्ली पुलिस का है सिपाही

Wed, 15 Dec 2021 12:20 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना गांव शामड़ी के रोबिन पर एक लाख रुपये का इनाम था। वह जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। आरोपी ने कई राजनेताओं संग फोटो खिंचवा रखे हैं। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत आठ राज्यों में उसका नेटवर्क  फैला है। यहां उसने 17 लैब बना ली थीं। वर्ष 2013 से कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर प्रतिभागियों के पेपर सॉल्व कराने का गैंग चला रहा था। एसटीएफ ने गैंग के 200 सदस्यों की पहचान की है जो एक हजार से अधिक की नौकरी लगवा चुके हैं।
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एसटीएफ की पकड़ में आया मुख्य आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना और एक लाख के इनामी आरोपी को एसटीएफ सोनीपत ने गिरफ्तार कर लिया है। पेपर लीक मामले का खुलासा होने के बाद से फरार चल रहे आरोपी पर एक हजार से अधिक आवेदकों के पेपर सॉल्व करवाने और नौकरी दिलाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी सोनीपत के गांव शामड़ी का रहने वाला रोबिन है। 

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आरोपी दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। वह करीब आठ साल से पेपर सॉल्वर गैंग से जुड़ा और उसका जाल आठ से अधिक राज्यों में फैला है। वह ऑनलाइन परीक्षा में किराये पर लैब लेकर स्क्रीन हैक कर धांधली करते थे। रैकेट की देशभर में 17 लैब हैं, जिनमें अकेले सोनीपत की पांच लैब शामिल हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी का राजनीतिक रसूख भी है।

डीएसपी एसटीएफ महेश श्योराण ने बताया कि दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन को एसटीएफ सोनीपत प्रभारी सतीश देशवाल की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पेपर लीक मामले में मुख्य रैकेट का सरगना है, जिसने देशभर में अपना जाल बिछा रखा है। महज 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आरोपी अपने इस अवैध धंधे को बाकायदा एक कंपनी की तरह से चला रहा था, जिसमें एडमिन स्टाफ से लेकर पेपर सॉल्व करने तक के लिए अलग से टीम रखी हुई थी।
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एसटीएफ के रडार पर ऐसे 200 आरोपी हैं, जो इस पूरे धंधे में लिप्त हैं। मामले का खुलासा होने के बाद से ही आरोपी फरार था, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम रखा गया था। इससे पहले इस मामले में एसटीएफ 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

आरोपी कई विभागों की परीक्षा पास करवाने की एवज में दो लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक लेते थे। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे उसके अन्य साथियों का पता लगाने के साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सके। आरोपी का राजनीतिक रसूख भी है। वह जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और उसके कई राजनेताओं संग फोटो भी हैं। 

स्क्रीन हैक कर की जाती थी धांधली

एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी के गिरोह का जाल हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के आठ राज्यों में फैला है। यह भी पता चला है कि यह रैकेट वर्ष 2013 से सक्रिय है, जो फर्जी तरीके से प्रतिभागियों के पेपर सॉल्व करवाता था। केंद्र सरकार व अन्य राज्यों द्वारा आयोजित सरकारी नौकरी की ऑनलाइन परीक्षा में किराये पर लैब लेकर स्क्रीन हैक कर धांधली की जाती थी। ट्रस्ट बनाकर कॉलेज व स्कूलों की कंप्यूटर लैब किराये पर ली जाती थी। रैकेट की देशभर में 17 लैब हैं, जहां से पूरा धंधा चलाया जाता था। वहीं अकेले सोनीपत में इसकी पांच लैब हैं। 

एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में 1 लाख के इनामी रोबिन को पकड़ा है। आरोपी दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत है। कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपी पूरा रैकेट चला रहा था और उसे सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। अभी 200 अन्य आरोपी रडार पर हैं, जिन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। - महेश श्योराण, डीएसपी, एसटीएफ

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