सोनीपत। मार्केट फीस बढ़ाने व उसे एकमुश्त जमा कराने के आदेश के विरोध में ऑल हरियाणा प्रदेश सब्जी मंडी संगठन के आह्वान पर शनिवार को 200 से ज्यादा आढ़तियों ने हड़ताल रखी। चार सब्जी मंडियां बंद रहने के चलते 50 लाख से ज्यादा का कारोबार प्रभावित रहा। सोनीपत व खरखौदा सब्जी मंडी में आढ़तियों ने रोष जताया और गोहाना सब्जी मंडी में आढ़तियों ने धरना दिया।
मंडियां बंद होने के कारण बाहर रेहड़ियों पर महंगे दामों पर सब्जी खरीदने के लिए लोग मजबूर हुए। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर संग हुई सकारात्मक बैठक के बाद आढ़तियों ने अपनी हड़ताल वापस ली। द सोनीपत फ्रूट एंड वेजिटेबल कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव इंद्र गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी से पहले सरकार की ओर से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। कोरोना महामारी में सरकारी खर्च बढ़ने की बात कहकर मार्केट फीस को शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे खत्म करने के बजाय मार्केट फीस को बढ़ाया गया। कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 में सरकार ने आढ़तियों से एक फीसदी मार्केट फीस व एक फीसदी हरियाणा ग्रामीण विकास फंड (एचआरडीएफ) शुल्क लेने के निर्णय लिया था। इसके बाद सरकार ने मार्केट फीस 40 फीसदी बढ़ा दी और एकमुश्त जमा कराने के आदेश दिए।
इसके विरोध में आढ़तियों ने पहले 20 दिसंबर 2023 को भी हड़ताल रखी थी, अब शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया तो सरकार ने आढ़तियों की बैठक बुलाई। राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सोनीपत से प्रधान ललित खत्री शामिल हुए। चंडीगढ़ में दोपहर बाद मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर संग हुई बैठक में 0.5 फीसदी मार्केट फीस व 0.5 फीसदी हरियाणा ग्रामीण विकास फंड (एचआरडीएफ) शुल्क लेने पर निर्णय हुआ। साथ ही एकमुश्त राशि न वसूल करने का निर्णय लिया। इसके बाद आढ़तियों ने अपनी हड़ताल को वापस ले लिया। सोनीपत सब्जी मंडी में इंद्र गुप्ता, राजबीर खत्री, नरेंद्र लाकड़ा, जयचंद सैनी, मोहन कुच्छल, मनोज शर्मा समेत अन्य आढ़ती मौजूद रहे।
लोगों ने रेहड़ियों से महंगे दामों पर खरीदी सब्जी
गोहाना। ऑल हरियाणा प्रदेश सब्जी मंडी संगठन के आह्वान पर शनिवार को नई व पुरानी सब्जी मंडी बंद रही। आढ़तियों ने नई सब्जी मंडी के गेट के सामने बैठक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नई सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जयदीप कुंडू ने बताया कि सभी आढ़ती एकमुश्त किश्त भरने के आदेश से परेशान हैं। बुधवार को सब्जी मंडी में फल व सब्जी की दुकानें बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और करीब 10 लाख के करीब का कारोबार प्रभावित रहा। वहीं शहर में जो रेहड़ी लगी हुई थी। उन रेहड़ियों पर फल व सब्जियों के भाव में 5 से 10 रुपये किलो के हिसाब से ग्राहकों को अधिक मिला। ऐसे में ग्राहकों ने महंगे दामों पर ही फसल व सब्जी खरीदनी पडी। नई व पुरानी सब्जी मंडी में हड़ताल चलते से आगामी दिनों में फल व सब्जियों के भाव बढ़ेगी। जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा।
विधायक ने दिया समर्थन
खरखौदा। अपनी मांगों को लेकर सब्जी आढ़तियों की हड़ताल के चलते सब्जी के दामों में इजाफा हुआ। खरखौदा सब्जी मंडी के आढ़ती मंडी के गेट को बंद कर बाहर कुर्सियां डालकर बैठ गए और मंडी में आने वाले लोगों को अपनी मांगें बताते हुए हड़ताल पर होने की बात कही। सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन, खरखौदा प्रधान संदीप कुमार के नेतृत्व आढ़ती हड़ताल पर रहे। आढ़तियों की मांग को समर्थन देने विधायक जयवीर सिंह भी उनके बीच पहुंचे। इस दौरान उप प्रधान जोगिंद्र बहल, अजय, श्याम लाल, नरेश, प्रदीप, राजकुमार, सोनू, संजय, भोली व राजू आदि आढ़ती मौजूद रहे।
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मार्केट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में सब्जी मंडी रही बंद
गन्नौर। मार्केट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में शनिवार को सब्जी मंडी में हड़ताल रही। बुधवार सुबह से ही सब्जी मंडी में सन्नाटा छाया रहा, वहीं मंडी में एक भी फल व सब्जियों की रेहड़ी नजर नहीं आई। नई सब्जी मंडी के दोनों गेट बंद कर आढ़तियों ने प्रदर्शन किया। सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के प्रधान नरेंद्र धनखड़ के नेतृत्व में व्यापारियों-आढ़तियों ने नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। मंडी बंद होने के कारण लोगों को परेशानी हुई।