फोटो 21- चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के दौरान खरखौदा की मांगों को रखते विधायक पवन खरखौदा। स्रोत :
खरखौदा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को विधायक पवन खरखौदा ने हलके के विकास को लेकर कई मांगे रखीं। इन मांगों के बीच जिस प्रकार से उन्होंने दादी घुघडी देवी के नाम पर हुए 2000 वर्ग गज के रेजुलेशन को अब कैंसिल किए जाने की बात कहकर शरारती तत्वों पर ऐसा करने के आरोप लगाए।
इससे शहर में एक चर्चा शुरू होना लाजमी है कि वह शरारती तत्व कहकर इशारा कहां साधा गया है। विधायक ने बताया कि एकतरफ जहां दादा कुशाल सिंह दहिया के नाम पर खरखौदा क्षेत्र में किसी चौक-चौराहे या फिर पुस्तकालय का नाम रखा जाना चाहिए वहीं दशकों पहले पांच एकड़ जमीन दान करने वाली खरखौदा की दादी घुघड़ी देवी के नाम पर भी एक सामुदायिक भवन बनाया जाना न्यायोचित है।
इनकी दी हुई जमीन पर ही आज सरकारी अस्पताल व कई अन्य सामाजिक संस्थाओं की ओर से संस्थान बनाए हुए हैं। उनके नाम पर एक 2000 वर्ग गज के भवन के रेजुलेशन को कैंसिल किया जा रहा है। सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने स्वयं इसकी आधारशिला रखी थी। इस बात का मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भी समर्थन किया।
विधायक ने इन मुद्दों पर भी रखी मांग
विधायक ने बताया कि खरखौदा हलके में आने वाली पाई, रोहणा व सिसाना माइनर में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से किसान परेशान हैं। इनमें या तो पानी नहीं आता या फिर पर्याप्त उपलब्ध नहीं होता। वहीं खरखौदा को मारुति कंपनी के प्लांट जैसी बड़ी सौगात मिली है, ऐसे में यहां एक औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की जरूरत है ताकि स्थानीय युवा तकनीकी रूप से दक्ष होकर स्थानीय स्तर पर रोजगार पा सकें। खरखौदा का विश्राम गृह पुराना व जर्जर हो चुका है, इसे नया बनाए जाने की जरूरत है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए वाहनों की मल्टी स्टोरी पार्किंग की भी आवश्यकता है।