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Sonipat News: विधायक ने लगाया धान खरीद में घोटाले का आरोप

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गोहाना। विधायक इंंदुराज नरवाल ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गोहाना मंडी में धान खरीद में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार और अधिकारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। नरवाल ने कहा कि किसानों को न तो फसल का पूरा दाम मिल रहा है और न ही समय पर मुआवजा।
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विधायक ने कहा कि सरकार ने पीआर धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था लेकिन हैफेड अधिकारियों ने नमी का बहाना बनाकर 15 से 20 दिन तक धान नहीं खरीदा। जिन किसानों के धान में 12 प्रतिशत नमी थी उनकी भी 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती करवाई गई।
उनका आरोप है कि शिकायतों के बाद भी कोई जांच नहीं हुई। केवल एक-दो अधिकारियों को निलंबित कर मामला दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल के जरिए फर्जी गेट पास, फर्जी लोडिंग और फर्जी मिलरों के नाम पर करोड़ों का खेल किया गया। इससे किसानों को पूरा भुगतान नहीं मिला।
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विधायक ने सवाल उठाया कि क्या एमएसपी सिर्फ कागजों तक सीमित है। क्या किसान को उसका हक नहीं मिलना चाहिए। फसल बीमा योजना पर भी विधायक ने सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि सोनीपत जिले में वर्ष 2022 खरीफ सीजन में किसानों ने बीमा प्रीमियम भरा लेकिन नुकसान के बावजूद मुआवजा नहीं मिला।
राज्यस्तर पर 10 करोड़ 52 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर होने के बाद भी करीब चार साल से किसान भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। नियम के अनुसार सर्वे के एक महीने के भीतर मुआवजा दिया जाना चाहिए लेकिन आज तक कई किसानों को पूरा पैसा नहीं मिला।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी विधायक ने भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से खेतों के खालों के निर्माण और मरम्मत के लिए बजट जारी नहीं किया गया है। बुटाना ब्रांच से निकलने वाली भिवानी सब ब्रांच में नियमित पानी दिया जा रहा है जबकि काहनौर डिस्ट्रिब्यूट्री में नाममात्र पानी पहुंच रहा है। साथ ही बुटाना सब डिवीजन में नियमित एसडीओ की नियुक्ति न होने पर भी सवाल उठाए गए।

विधायक ने सरकार से गोहाना मंडी में धान खरीद घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने, फसल बीमा के सभी लंबित मुआवजों का तुरंत भुगतान करने, खेतों के खालों के निर्माण के लिए बजट जारी करने और सिंचाई विभाग में नियमित अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की।
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