सोनीपत। श्री रजनीश ध्यान मंदिर, दीपालपुर में ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 160 साधकों ने ध्यान और आंतरिक जागरूकता के विभिन्न आयामों का अनुभव किया। शिविर के सुबह के सत्र का संचालन स्वामी अभय राज ने किया।
ओशो अनुज सतगुरु स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया। उन्होंने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ बनाता है जबकि ध्यान मन, चेतना और अंतर्मन को संतुलित करता है। ध्यान केवल अभ्यास नहीं बल्कि जागरूकता के साथ जीने की कला है।
दोपहर के सत्र का संचालन सतगुरु मां अमृत प्रिया ने किया। उन्होंने ध्यान की सूक्ष्म विधियों व जीवन में प्रेम, करुणा और जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। अंतिम सत्र का संचालन स्वामी प्रेम अद्वैत ने किया। उन्होंने कुंडलिनी ध्यान की प्रक्रिया करवाई।