गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के विशेष कोविड अस्पताल के वार्डों में शनिवार से पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। इससे पहले प्रशासन की ओर से मुरथल प्लांट से भेजे गए 10 टन के ऑक्सीजन कंटेनर को इंजीनियर इंस्टाल करने में जुटे हैं। इसके शुरू होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भी ऑक्सीजन मंगवाने में कुछ राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विशेष कोविड अस्पताल में 300 बेड निर्धारित किए हैं। फिलहाल यहां 172 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें से 22 मरीज ऐसे हैं, जो 10 दिन से ज्यादा और 150 मरीज 11 दिन से कम समय से दाखिल हैं। अब तक मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ रही है। इससे निपटने के लिए सीएम मनोहर लाल के आदेश पर प्रशासन ने मुरथल से 10 टन का ऑक्सीजन कंटेनर भेजा है। इसमें एक कैप्सूल है, जो ऑक्सीजन जनरेट करके प्लांट से सीधे वार्ड में उसकी सप्लाई करेगा। अब इंजीनियरों द्वारा उसे इंस्टाल किया जा रहा है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार शनिवार से ऑक्सीजन की सप्लाई सीधे वार्ड तक होगी।
सिलिंडरों के माध्यम से हो रही फिलहाल ऑक्सीजन की सप्लाई
कोविड अस्पताल में कोरोना के संक्रमित मरीजों को फिलहाल सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में डी-टाइप के 420, बी-टाइप के 61 और ए-टाइप के 26 सिलिंडरों की व्यवस्था की गई है। कोविड अस्पताल में कोरोना के 49 ऐसे मरीज हैं, जो सामान्य ऑक्सीजन बेड पर दाखिल हैं। इनके अलावा है 170 मरीज ऐसे हैं, जो हाई फ्लो ऑक्सीजन थैरेपी बेड पर दाखिल हैं।
12 ऑक्सीजन और 75 नॉन ऑक्सीजन के बेड खाली
विशेष कोविड अस्पताल में 220 ऑक्सीजन और 80 नॉन ऑक्सीजन बेड के अलावा 50 वेंटिलेटर स्थापित हैं। फिलहाल यहां आईसीयू में 80 नॉन ऑक्सीजन बेडों में से 75 खाली हैं। आईसीयू में ही 220 ऑक्सीजन बेडों में से छह बेड खाली हैं। इसके अलावा आईसीयू से अलग ऑक्सीजन के छह और बेड खाली हैं। वहीं, 50 वेंटिलेटर में से एक भी खाली नहीं है। हर वेंटिलेटर पर मरीजों का इलाज चल रहा है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज के विशेष कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए कंटेनर को इंस्टॉल करने के साथ ही उसका पाइपलाइन से कनेक्शन किया जा रहा है। यह कार्य पूरा होते ही वार्डों तक ऑक्सीजन की सीधी सप्लाई होगी। इसके अलावा अन्य सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
- डॉ. धीरज, प्रवक्ता, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज।