मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में खड़े मरीज।
- फोटो : Sonipat
बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में ओपीडी के लिए मरीज अब घर बैठे ही रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके साथ ही मरीज अपनी फीस भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। इसके बाद उन्हें ओपीडी कार्ड अलग से खिड़की पर मिलेगा। इससे न केवल मरीजों को लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा, बल्कि जाते ही ओपीडी में अपनी जांच व इलाज करा सकेंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा कराया गया ट्रायल सफल हो गया है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार मरीजों को यह सुविधा अगले सप्ताह से मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज के 550 बेड के अस्पताल में हर रोज 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। सरकार ने अस्पताल में मरीजों की जांच व इलाज के लिए विभिन्न बीमारियों से संबंधित आठ विभाग स्थापित किए हैं। अस्पताल में ओपीडी से लेकर आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को ओपीडी में चिकित्सक के पास जाने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। हालांकि अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए पांच खिड़की हैं, लेकिन फिर भी मरीजों की संख्या अधिक होने से यहां लंबी लाइन लगी रहती है। इसी के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पिछले कई दिन से अस्पताल में ट्रायल चल रहा था, जो अब सफल हो गया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अगले सप्ताह से यह सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस तरफ ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे मरीज
अस्पताल में ओपीडी से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट पर एक लिंक मिलेगा। इसके माध्यम से मरीज अपना नाम, पता, बीमारी, आधार नंबर व अन्य संबंधित जानकारी डालने के बाद रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके साथ ही पांच रुपये अपनी फीस भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। इसके बाद वह अस्पताल में जाते ही अपना ओपीडी कार्ड ले सकेंगे। इसके लिए मरीजों को अलग से खिड़की की सुविधा मिलेगी।
वर्जन
अस्पताल में मरीजों के लिए चिकित्सा व अन्य सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। इसी के तहत ओपीडी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा की गई है। मरीज घर बैठे ही इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके बाद बगैर लाइन में लगे अपना ओपीडी कार्ड ले सकेंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ट्रायल पूरा हो गया है। अगले सप्ताह में मरीज मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट पर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज।