साहब हम्म नै आपणा सारा पिस्सा बैंक में जमा करा दिया। तीन महीने तै तनखा नहीं मील रीह, हम्म आपणा अर आपणे परिवार का गुजारा क्यूकर करैं। बड़े साहब म्हारी सुणाई नींह करदे। हम्म कित जावैं। मेडिकल कॉलेज के ठेका कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार व कालेज प्रशासन ने मिलीभगत करके भारी गोलमाल किया है। जबकि वे एक-एक पैसे के मोहताज बन गए हैं।
बुधवार को यह दुखड़ा बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां के करीब 700 कर्मचारियों ने हड़ताल कर रोया तथा कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि उनका वेतन समय पर नहीं दिया गया तो वह बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। वेतन के अलावा इन कर्मचारियों का एरियर व पीएफ का मामला भी नहीं सुलझ पा रहा है। ठेकेदार पर भारी गोलमाल का आरोप लगाया जा रहा है।
ठेके पर लगे सैकड़ों कर्मचारियों ने समय पर वेतन व एरियर न मिलने पर हड़ताल की। पांच घंटे चली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अस्पताल में आने वाले रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कर्मचारियों ने ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
कर्मचारियों ने एक सप्ताह पहले संस्थान के प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी न होने पर बुधवार सुबह कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। सर्व कर्मचारी संघ के नेता आनंद शर्मा ने कहा कि जो ठेका कर्मचारी अपने वेतन या अन्य किसी समस्या को लेकर आवाज उठाता है तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। पीएफ के नाम पर भी बहुत कम राशि मिलती है। कर्मचारियों ने ठेका कर्मचारियों की हाजिरी अस्पताल प्रशासन द्वारा लेने की मांग की। कर्मचारियों के बीच अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएस पूनिया पहुंचे और जल्द उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया।
निदेशक के आश्वासन के बाद समाप्त हुई हड़ताल
संस्थान के निदेशक के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने पांच घंटे बाद दोपहर डेढ़ बजे हड़ताल खत्म की। कर्मचारियों के प्रतिनिधि संस्थान के निदेशक डॉ. पीएस गहलोत से मिले। उन्होंने भी एक सप्ताह में कर्मचारियों की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी दोपहर डेढ़ बजे काम पर लौट आए।