सोनीपत। नगर निगम बनने के बाद पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस के निखिल मदान ने बाजी मारी है और इस तरह से शहर में कांग्रेस की सरकार बन गई है। निखिल मदान ने भाजपा के ललित बत्रा को 13817 वोट से हराया है। जबकि मेयर के लिए मैदान में उतरे अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। मेयर भले ही कांग्रेस का बना हो, लेकिन भाजपा के ज्यादा पार्षद जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। जहां भाजपा के 10 पार्षदों ने जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस के 9 और एक निर्दलीय पार्षद चुने गए। जिससे भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बनाने की राह आसान हो सकती है।
नगर निगम बनने के साढ़े पांच साल बाद चुनाव होने के कारण काफी अहम माने जा रहे थे। इसलिए ही भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टी किसी भी तरह जीत दर्ज करके शहर में अपनी सरकार बनाना चाहती थी। इसके लिए भाजपा ने पुराने नेता ललित बत्रा को चुनाव मैदान में उतारा था तो कांग्रेस ने युवा चेहरे निखिल मदान पर दांव लगाया था। निगम चुनाव की मतगणना बुधवार सुबह को शुरू हुई तो पहले राउंड में ललित बत्रा आगे हो गए, जबकि अगले राउंड में निखिल मदान आगे निकल गए। इस तरह से कई राउंड तक दोनों के बीच कांटे की टक्कर होती रही और निखिल मदान पांच राउंड के बाद बढ़त बनाते हुए चले गए। वह बढ़त इतनी ज्यादा हो गई कि ललित बत्रा उसके पास तक नहीं पहुंच सके। निखिल मदान को 72118 वोट मिले तो ललित बत्रा को 58301 वोट ही मिल सके और उनको हार का सामना करना पड़ा।
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मेयर के 8 और पार्षद के 50 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
मेयर के लिए 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे, जिनमें से निखिल मदान जीत गए तो ललित बत्रा दूसरे नंबर पर रहे। जबकि अन्य आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। मेयर के चार प्रत्याशियों से ज्यादा वोट नोटा को मिल गए। इस तरह ही पार्षद पद के लिए 110 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, जिनमें से 20 जीत गए तो 20 दूसरे नंबर पर रहे। वहीं 20 पार्षद प्रत्याशी टक्कर में रहे और 50 से ज्यादा की जमानत जब्त हो गई। वहीं वार्ड 8 की पार्षद प्रत्याशी लक्ष्मी देवी को केवल एक ही वोट मिल सका।
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भाजपा के 10 पार्षद जीते, सीनियर व डिप्टी मेयर बनाने की राह आसान
मेयर भले ही कांग्रेस का जीत गया हो, लेकिन भाजपा के दस पार्षद जीत गए हैं। जबकि कांग्रेस के 9 व एक निर्दलीय पार्षद जीते हैं। निर्दलीय पार्षद भी पहले कांग्रेस का कार्यकर्ता था और टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की। निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी पांच वार्ड में दूसरे स्थान पर रहे हैं।
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शहर की सरकार में सात महिलाएं, चार दोबारा बने पार्षद
शहर की सरकार में केवल पुरुषों का वर्चस्व नहीं होगा, बल्कि सात महिलाएं भी शहर की सरकार में शामिल हो गई हैं। इनमें बबीता कौशिक, रेणु सैनी, ममता लूथरा, इंदु वलेचा, संगीता सैनी, मोनिका, नीतू दहिया है। इस तरह से भाजपा में चार महिलाएं पार्षद हैं तो कांग्रेस से तीन महिलाएं पार्षद बनी हैं। वहीं चार पार्षद ऐसे हैं जो पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इनमें इंदु वलेचा, लक्ष्मीनारायण तनेजा, बिजेंद्र मलिक, अतुल जैन है।
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कांग्रेस से नाराज होकर भाजपा में गए नेताओं से नहीं मिला फायदा
नगर निगम चुनाव में पार्टियों में नेताओं के बीच काफी खींचतान रही। कांग्रेस से मेयर का टिकट नहीं मिलने पर पूर्व चेयरमैन अशोक छाबड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप गौतम, भूपेंद्र गहलावत, सीमा गोयल समेत अन्य कई नेता बगावत करके भाजपा में चले गए थे। जिनके भाजपा में जाने के बाद भी कांग्रेस की जीत हो गई। वहीं इनेलो के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा समेत कई अन्य नेता कांग्रेस में शामिल हुए थे। इस तरह से चुनाव के बीच काफी खींचतान चलती रही।
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शहर की हर समस्या दूर करेंगे, लोगों को नहीं काटने होंगे चक्कर : निखिल मदान
मेयर बनने के बाद निखिल मदान ने कहा कि अभी तक नगर निगम में लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे। पेयजल, सीवर, गली निर्माण आदि की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और लोगों की समस्याओं का समाधान तुरंत कराया जाएगा। निखिल मदान ने कहा कि वह समाजसेवा के लिए राजनीति में आए हैं, क्योंकि मेयर बनने से पहले ही सीवर सफाई, खाना बांटना आदि अपने खर्च पर कराया है। ऐसे में अब उनको जिम्मेदारी मिली है तो उस जिम्मेदारी पर खरा उतरकर शहर की हर समस्या का समाधान किया जाएगा। वह जनता के लिए हर समय उपलब्ध रहेंगे। निखिल मदान ने कहा कि भाजपा सरकार से हर वर्ग किसान, व्यापारी, मजदूर, सेक्टर के लोग सभी परेशान है। उन सभी ने भाजपा के खिलाफ वोट करके कांग्रेस को चुना है। निखिल मदान ने अपनी जीत का श्रेय जनता के साथ ही पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक सुरेंद्र पंवार, रवि परूथी समेत अन्य सभी नेताओं को दिया है।
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जनता का फैसला मंजूर, हार के कारण पर चर्चा करेंगे : ललित बत्रा
भाजपा के प्रत्याशी ललित बत्रा हार के बाद मतगणना केंद्र से साथियों के संग बाहर निकले। ललित बत्रा ने कहा कि यह जनता का फैसला है और जनता का फैसला मुझे मंजूर है। हार के क्या कारण रहे है, इसपर चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही साफ होगा कि आखिर क्यों वह जीत नहीं सके और जनता ने उनको नहीं चुना। किसी तरह के भितरघात व अपनों का सहयोग नहीं मिलने की बात पर ललित बत्रा ने कहा कि ऐसा नहीं है और उनको अपनों का पूरा सहयोग मिला है। किसान आंदोलन के कारण हार होने की बात पर भी उन्होंने कहा कि इसपर चर्चा करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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यह रही मेयर प्रत्याशियों की स्थिति
प्रत्याशी वोट
निखिल मदान 72118
ललित बत्रा 58301
धर्मबीर 4375
संत धर्मबीर चोटीवाला 1452
धर्मबीर फौजी 621
राजेंद्र कुमार सरोहा 364
सतबीर वर्मा 421
संदीप मलिक 1178
संदीप राणा 3004
सुशील कुमार मानव 346
नोटा 1007