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श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से धन्य हो जाता है सूना जीवन : डॉ. शास्त्री

Sat, 23 Nov 2024 05:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। सेक्टर-14 स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीराम ज्योतिषपीठ व दी महाराजा अग्रसेन समाज कल्याण समिति की ओर से चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का छठा दिन रहा। वृंदावन धाम से कथावाचक डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह, गोपियों के साथ रासलीला व मथुरा गमन के प्रसंग का वर्णन किया। मुख्य यजमान के रूप में ओडी गर्ग ने भागवत पूजन कर कथा की शुरुआत की।
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कथावाचक डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ। रुक्मणी जी स्वयं साक्षात लक्ष्मी थीं, वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती। उनके विवाह की कथा एक अद्वितीय प्रेम व भक्ति की मिसाल प्रस्तुत करती है। रुक्मणी ने अपने पिता के विरोध के बावजूद श्रीकृष्ण को अपना जीवन साथी मान लिया। भगवान श्रीकृष्ण ने इस प्रेम व भक्ति को स्वीकार करते हुए रुक्मणी के साथ विवाह किया। यह विवाह सच्चे प्रेम, भक्ति व ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक है। श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से मनुष्य का सूना जीवन भी धन्य हो जाता है।
कथावाचक ने कथा के बीच भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य किया। कथा में श्रीराम ज्योतिषपीठ के प्रधान ओमप्रकाश गर्ग, उप प्रधान मेहताब खत्री, सचिव आरके कुच्छल, कोषाध्यक्ष अखिल कुच्छल, प्रेस प्रवक्ता पंडित अमित शौनक, समिति के प्रधान टीकाराम मित्तल, उप प्रधान संजय सिंगला, पवन अग्रवाल, महामंत्री विकास मंगला व कोषाध्यक्ष अशोक गर्ग मौजूद रहे।
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