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कैंटर में आगे की सीट पर गर्भवती और अंदर बैठा रखा था फैक्टरी के मजदूर, चालक पकड़ा

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अग्रसेन चौक पर कैंटर की बॉडी पर ताला लगाकर श्रमिकों को ले जाते पकड़े गए चालक से बातचीत करते थाना प? - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। लॉकडाउन में मजदूरों को ले जाने के लिए चालक नई-नई तरकीब ढूंढ रहे हैं। रविवार को ऐसा ही मामला सामने आया। धतूरी की एक फैक्टरी के श्रमिकों को एक कैंटर में तालाबंद कर ले जाया जा रहा था। इतना ही नहीं चालक ने पकड़े जाने से बचने के लिए कैंटर में आगे एक गर्भवती महिला को बैठा रखा था। अग्रसेन चौक पर पुलिस नाके पर जांच में कैंटर में श्रमिक बंद मिले। गर्भवती को डिलीवरी के लिए अस्पताल छोड़ना था। मजदूर मध्यप्रदेश जाने के लिए कैंटर में रेलवे स्टेशन जाने को सवार हुए थे। पुलिस ने गर्भवती महिला को अस्पताल में भिजवाने के बाद श्रमिकों को वापस धतूरी भेज दिया। वहीं कैंटर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। लॉकडाउन में लोगों को घरों से बाहर आने से रोका गया है। फैक्टरी में रह रहे मजदूरों व श्रमिकों को भी कंपनी में रहने को कहा गया है। उसके बावजूद 35 श्रमिकों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने के नाम पर कैंटर में भरकर बाहर से ताला लगा दिया गया। ज्यादातर मजदूरों ने मास्क तक नहीं लगाया था और कैंटर के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए तो जगह ही नहीं थी। पुलिस के अनुसार अग्रसेन चौक पर पुलिस नाके पर सुबह 10 बजे एक कैंटर को जांच के लिए रोका गया। चालक के बराबर की सीट पर एक गर्भवती महिला बैठी थी।
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चालक मनीष कुमार ने बताया कि उसको प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल ले जा रहा है। वह फैक्टरी में काम करने वाले एक श्रमिक की पत्नी है। कैंटर पर कोरोना मूवमेंट पास लगा था। पुलिस ने उसको चलने का इशारा किया, इसी बीच पीछे कैंटर की बंद बॉडी से एक बच्चे के रोने की आवाज आई। जब चालक को ताला खोलकर दिखाने को कहा गया तो वह आनाकानी करने लगा। पुलिस ने कड़ाई करते हुए ताला खुलवाया तो सभी दंग रह गए। उसमें श्रमिक और उनके परिवार की महिलाओं-बच्चों को भरा गया था। कैंटर में 35 श्रमिक व बच्चे थे। ज्यादातर के पास न तो मास्क था और न ही कैंटर में दूरी बनाकर बैठ सकते थे। चालक ने बताया कि वह गर्भवती को अस्पताल लेकर जा रहा था। रास्ते में धतूरी क्षेत्र में एक फैक्टरी के बाहर ये मजदूर मिले। इनको मध्यप्रदेश जाना था। उसे तो इनको रेलवे स्टेशन पर छोड़ना था। श्रमिकों का कहना था कि वह ट्रैक पर पैदल ही दिल्ली तक जाते। वहां से ट्रेन व बस चल गई हैं। जिसके बाद थाना प्रभारी दर्पण सिंह ने अपनी गाड़ी में तुरंत महिला को अस्पताल में पहुंचाया और कैंटर सवार श्रमिकों को वापस धतूरी भेजा गया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गाड़ी को जब्त कर लिया है।
वर्जन
बंद कैंटर में 35 श्रमिकों को ले जाया जा रहा था। जिस पर गर्भवती महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर श्रमिकों को वापस धतूरी छोड़ दिया है। कैंटर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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-दर्पण सिंह, थाना प्रभारी, सिविल लाइन सोनीपत।
वर्जन
मजदूरों का चोरी छिपे जाना गलत है। प्रवासियों को बाहर जाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 व हारट्रोन के कॉल सेंटर 1100 पर भी मदद मिलेगी। अपने घर जाने के लिए वह पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही एक एप जन सहायक हैल्पमी डाउनलोड करके भी सहायता ली जा सकती है। यह सुविधा हरियाणा में रह रहे प्रवासियों के लिए है। अगर किसी को घर जाने है तो वह अनुमति प्राप्त करें। उसे नियम अनुसार छुड़वाया जाएगा।
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-जितेंद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय।
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