महावीर दल में आयोजि होली महोत्सव के दौरान सत्संग में उपस्थित श्रद्धालु। स्रोत : दल
सोनीपत। श्री सेवा समिति महावीर दल सोनीपत में मंगलवार को होली मिलन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित सत्संग में गुरुदेव डॉ. स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि सांप्रदायिक कट्टरता में जीने को आध्यात्मिक जीवन नहीं कहते।
उन्होंने कहा कि अध्यात्म का अनादि काल से जीवन में महत्व रहा है क्योंकि इसका संबंध जीवन में रूपांतरण से है। केवल बाहर के वेश या ऊंची जातियों और न ही टोने-टोटके वाले कर्मकांड से इसका कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि बुराइयों से भी हमें बचना होगा। केवल होलिका का ही दहन नहीं करना है। बुराइयों का भी दहन करने पर होली की सार्थकता है। नींबू हांडी लटकाकर मकान, दुकान, जमीन पर तो बहुत कुछ निर्माण किया किंतु क्या जीवन में भी कुछ निर्माण किया। संपत्ति के रूप में पूंजी बनाई क्या पुण्य की पूंजी भी बनाई। ऐसी सजगता बनी रहनी चाहिए।
इसी के अनुरूप अभ्यास करें तभी जीवन का परम लाभ मिलेगा। इस अवसर पर ललित पंवार, राजकुमार ग्रोवर एवं सुरेंद्र सीकरी ने हनुमान जी की गदा का पूजन किया। सत्संग के दौरान मुख्य अतिथि ललित बतरा, राजेंद्र चांदना और सचिन चौधरी ने ग्रंथ पूजन कर महाराज का आशीर्वाद लिया।