हत्या के एक मामले में आरोपी पति को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।
16 मई, 2014 को गांव भैंसरू निवासी जगतराम ने थाना खरखौदा में दी शिकायत में बताया कि उसने बेटी मोनिका की शादी चार वर्ष पहले खरखौदा के दिल्ली रोड निवासी सुनील के साथ की थी।
आरोप था कि मोनिका को शादी के कुछ समय बाद ही उसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। शादी के बाद से मोनिका और सुनील को दो बच्चे हुए थे। इसके बाद मोनिका और सुनील परिवार से अलग रहने लगे।
16 मई को मोनिका के जेठ ने बताया कि उसकी हत्या हो गई है। जगतराम जब मौके पर पहुंचा तो मोनिका का शव अर्द्धनग्न अवस्था में पड़ा था और उसके गले पर निशान थे।
जगतराम ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष के लोगाें ने ही उसकी बेटी की गला दबाकर हत्या की है। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में आरोपी पति सुनील को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने दोषी करार दिया था। सुनील को उम्रकैद के साथ दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना के चार दिन बाद किया गया था गिरफ्तार
हत्या की वारदात के चार दिन बाद 21 मई को सुनील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पूछताछ में सुनील ने बताया था कि पारिवारिक कलह के चलते उसने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या की है।