सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश गुप्ता की अदालत ने हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों ने 100 रुपये किराए को लेकर हुए झगड़े में पत्थर से हमला कर ऑटो चालक की हत्या कर दी थी। अदालत ने दोषियों पर 13000-13000 रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोषियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं।
जीटी रोड पर बड़ी गांव के निकट खेत में 22 जून, 2017 को एक युवक का शव मिला था। शव की पहचान पानीपत की विष्णु कालोनी के रहने वाले हिमेश उर्फ हन्नी के रूप में हुई थी। हिमेश की पत्थर से हमला कर हत्या की गई थी। पुलिस ने गांव बड़ी निवासी सुरेश के बयान पर अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार व तत्कालीन राजलुगढ़ी चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार की टीम ने 25 जून, 2017 को आरोपी गन्नौर कोट मोहल्ला निवासी तरुण व उसके भाई राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि दोनों भाई अपने तीसरे साथी कोट मोहल्ला के ही विशाल के साथ पानीपत से 21 जून, 2017 को आटो किराये पर लेकर आ रहे थे। पानीपत से आटो का किराया गन्नौर तक के लिए 300 रुपये तय हुआ था। जब वह गन्नौर पहुंचे तो उन्होंने आटो चालक हिमेश को 200 रुपये थमा दिए थे। इस पर हिमेश ने ऐतराज जताया था और पूरा किराया देने की बात कही थी। इसी को लेकर इनकी कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद तीनों ने आटो चालक की पत्थर से हमला करके हत्या कर दी थी। पुलिस ने आटो को गांव अगवानपुर के खेतों से बरामद कर लिया था। बाद में पुलिस ने 15 जुलाई, 2017 को तीसरे आरोपी विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया था।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे राजेश गुप्ता की अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10000-10000 रुपये जुर्माना तथा धारा 201 में चार साल कैद व 3000-3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।